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रिषड़ा में बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश, नौ गिरफ्तार

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रिषड़ा में बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश, नौ गिरफ्तार


हुगली, 30 जुलाई (हि. स.)। जिले की रिषड़ा थाने की पुलिस ने एक बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बुधवार को इलाके के अलग-अलग स्थानों से नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपित जामताड़ा गैंग की तर्ज पर लोगों को फोन कर अलग-अलग तरीकों से ठगी का शिकार बनाते थे। अब तक की जांच में इस गिरोह द्वारा करीब 16.78 लाख रुपये की साइबर ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरोह में शामिल आरोपितों की पहचान मोहित पांडे (बिहार), शेख सागर (आंध्र प्रदेश), पुनीत कुमार (कर्नाटक), मोहम्मद तौसीफ (रिषड़ा), दीपक ठाकुर (चंदननगर), प्रिय रंजन कुमार पांडे (बिहार), राहुल पांडे (बलिया), शिवकुमार (बेंगलुरु) और पी. नरेश (ओडिशा) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मोहित पांडे को गिरोह का सरगना बताया जा रहा है।

गुरुवार को चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी (श्रीरामपुर) अर्णव विश्वास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिषड़ा थाना प्रभारी परमेश्वर प्रमाणिक को विशेष सूत्रों से सूचना मिली थी कि रिषड़ा के एनएस रोड, एसडी मुखर्जी लेन और सुशीला भवन की गली में कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। इसी आधार पर पुलिस ने अभियान चलाकर नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित कथित तौर पर एक संगठित बड़े ठगी गिरोह चला रहे थे। गिरोह के सदस्य देश के अलग-अलग राज्यों में मौजूद लोगों को फोन कर उन्हें ठगी का शिकार बनाते थे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपित कभी लॉटरी में इनाम जीतने का झांसा देते थे और कहते थे कि कमीशन देने के बाद पूरी रकम उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी। इसके अलावा लोन अप्रूवल के नाम पर भी लोगों को पहले से स्वीकृत लोन का संदेश भेजकर कमीशन मांगा जाता था। जो लोग इनके झांसे में आ जाते थे, उनसे दस्तावेज मांगे जाते थे। इसके बाद उन्हें एक क्यूआर कोड भेजकर कमीशन की रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा जाता था। आरोपित कथित तौर पर कमीशन मिलने के बाद पूरी रकम उपलब्ध कराने का भरोसा देते थे।

पुलिस ने आरोपितों के पास से 21 मोबाइल फोन और क्रेडिट कार्ड बरामद किए हैं। एनसीआर पोर्टल पर जांच के दौरान अब तक 33 ऐसे लिंक मिले हैं, जिनसे कथित तौर पर इन आरोपितों के साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

डीसीपी ने बताया कि गिरोह के तार बंगाल के अलावा बिहार, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और ओडिशा समेत कई राज्यों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। जिन-जिन थाना क्षेत्रों में इनके द्वारा कथित तौर पर ठगी की गई है, वहां की पुलिस से भी संपर्क किया जाएगा।

पुलिस का अभियान अभी जारी है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ और तकनीकी जांच के जरिए गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तथा साइबर ठगी की और घटनाओं का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय