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टावर लगाने के नाम पर साइबर ठगी का पर्दाफाश

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टावर लगाने के नाम पर साइबर ठगी का पर्दाफाश


दुर्गापुर, 24 अक्टूबर (हि.स.)।

मोबाइल टावर लगाने के नाम पर मोटी रकम और हर महीने किराया देने का लालच देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की पुलिस ने दुर्गापुर के बेनाचिति इलाके में एक किराये के मकान में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर तीन युवतियों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में फर्जी पहचान पत्र, सिम कार्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप, लैंडलाइन फोन, राउटर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बिहार के एक संगठित गिरोह ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों के युवक-युवतियों को अपने साथ जोड़कर बेनाचिति में किराये के मकान में कार्यालय खोल रखा था। बाहर से यह एक सामान्य कार्यालय दिखाई देता था, लेकिन अंदर से देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को फोन कर ठगी का जाल फैलाया जा रहा था।

आरोप है कि गिरोह के सदस्य लोगों को फोन कर मोबाइल कंपनी का टावर लगाने के लिए उनकी जमीन या मकान किराये पर लेने का प्रस्ताव देते थे। इसके बदले हर महीने मोटी रकम किराये के रूप में देने और अग्रिम भुगतान करने का लालच दिया जाता था। इस प्रस्ताव पर भरोसा करने वाले लोगों से दस्तावेज और ओटीपी हासिल कर उनके साथ लाखों रुपये की ठगी की जाती थी।

सूचना मिलने के बाद आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की विशेष टीम ने बेनाचिति स्थित मकान में छापेमारी की। इस दौरान आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने वहां से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की है।

आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी (पूर्व) रासप्रीत सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि बेनाचिति में एक स्थान पर बैठकर साइबर ठगी की जा रही है। इसके बाद विशेष टीम ने अभियान चलाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले की जांच जारी है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, ठगी के नेटवर्क और अब तक ठगी के शिकार हुए लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा