फर्जी व्हाट्सएप पहचान बनाकर कंपनियों से 2.93 करोड़ की ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह के पांच आरोपित गिरफ्तार
- महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से हुई गिरफ्तारी, पुलिस ने 1.38 करोड़ रुपये बैंक खातों में कराए होल्ड
रायपुर, 31 अक्टूबर (हि. स.)। राजधानी रायपुर में व्हाट्सएप पर फर्जी पहचान बनाकर दो कंपनियों से 2 करोड़ 93 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश किया है।
मामले में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से पांच आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने ठगी की रकम में से 1 करोड़ 38 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपित ने कंपनियों के अधिकृत अधिकारियों के नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाए थे। इसके जरिए कंपनियों के एकाउंटेंट को संदेश भेजकर बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए जाते थे। अधिकारी की पहचान होने के कारण एकाउंटेंट ने निर्देशों को वास्तविक समझकर रकम हस्तांतरित कर दी।
पहला मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। राठी बंधुस कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विजय राठी के नाम से फर्जी व्हाट्सएप संदेश भेजकर कंपनी के खाते से 93 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। दूसरे मामले में तेलीबांधा स्थित ट्रांसफॉर्मर एंड ट्रांसमिशन लिमिटेड के अधिकृत व्यक्ति की फर्जी पहचान बनाकर एकाउंटेंट से 2 करोड़ रुपये टी-के कंस्ट्रक्शन के खाते में जमा करा लिए गए।
मामलों की जांच में जुटी एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा टिकरापारा और तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान की। महाराष्ट्र के उल्हासनगर से आकाश चुथ, साहिल नथानी और राज जुमानी को गिरफ्तार किया गया। वहीं उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से विनय श्रीवास्तव और विनोद कुमार पकड़े गए।
पुलिस ने आरोपितों से सात मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड, तीन पासबुक और 25 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं। टिकरापारा मामले में 24 लाख और तेलीबांधा मामले में एक करोड़ 14 लाख रुपये होल्ड कराए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों की दोनों मामलों में संलिप्तता सामने आई है। अन्य आरोपियों और साइबर ठगी के नेटवर्क की तलाश जारी है। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

