सीएसआर दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 5 आरोपित गिरफ्तार
रायगढ़, 16 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में साइबर पुलिस ने सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर )फंड दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए आज पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मामले में इंदिरानगर रायगढ़ की एनजीओ कार्यकर्ता आयशा परवीन की शिकायत पर साइबर थाना रायगढ़ में अपराध दर्ज किया गया था।
महिला की शिकायत पर साइबर पुलिस थाना में धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई थी ।
आरोपितों ने महिला को सीएसआर अनुदान और नौकरी का झांसा देकर उसके संस्थान के नाम से बैंक खाता खुलवाया और मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल कर खाते का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर 2.17 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध ट्रांजेक्शन कराए।
जांच में सामने आया कि आरोपितों ने महिला और उसके पति को गुवाहाटी बुलाकर होटल में ठहराया, जहां गैंग के अन्य सदस्यों ने उनका मोबाइल और बैंक से जुड़े दस्तावेज अपने पास रखकर कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए। बाद में बैंक से संदिग्ध लेनदेन की सूचना मिलने पर मामले का खुलासा हुआ। साइबर पुलिस की जांच में देशभर से पीड़िता के खाते से जुड़े 44 साइबर फ्रॉड शिकायतें सामने आईं, जिनमें करोड़ों रुपये के विवादित लेनदेन दर्ज हैं।
गिरफ्तार आरोपितों में मितेश सोनी (31 साल) निवासी वसुंधरा नगर भिलाई-3 जिला दुर्ग, विजय चंद्रा (35 साल) निवासी ग्राम कटौत थाना डभरा जिला सक्ती, अजय साहू (35 साल) निवासी ढिमरापुर चौक थाना सिटी कोतवाली, अभय यादव (23 साल )निवासी कौहाकुंडा पहाड़ मंदिर और सचिन चौहान (24 साल) निवासी कलमीडिपा शामिल है।
आरोपितों के कब्जे से छह मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया गया है। पूछताछ में पता चला कि आरोपित टेलीग्राम के माध्यम से सक्रिय साइबर गैंग को कॉरपोरेट बैंक खाते उपलब्ध कराते थे और बदले में ठगी की रकम का 5 से 15 प्रतिशत कमीशन लेते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह ने अलग-अलग राज्यों में 25 से 30 बैंक खाते उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
रायगढ़ पुलिस ने जानकारी दी है कि जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित अभय यादव पहले एक स्थानीय बैंक में कार्य कर चुका है। उसकी पहचान विजय चंद्रा से थी और विजय चंद्रा की पहचान अजय साहू और मितेश सोनी से हुई, जो पहले से साइबर फ्रॉड गैंग से जुड़ा था। इसी के माध्यम से अभय यादव, विजय चंद्रा, अजय और सचिन चौहान को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। जहां से उन्हें कॉरपोरेट बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने का काम सौंपा गया।
हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान

