झारखंड से दो साइबर अपराधी गिरफ्तार, पेंशनर सम्बन्धी सूचना भेजकर करते थे ठगी
सोनभद्र, 17 जून (हि.स.)। साइबर थाना पुलिस ने फेसबुक पर पेंशनर संबंधी, केवाईसी अपडेट व बैंक में नया खाता खुलवाने की फर्जी सूचना भेजकर साइबर ठगी करने के मामले में झारखंड राज्य के कोडरमा जिले से दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बुधवार को बताया कि राबर्ट्सगंज निवासी डॉ. प्रेम बहादुर गौतम ने साइबर थाना पर शिकायत दर्ज कराई कि वादी के फेसबुक अकाउंट पर इंडसइंड बैंक के नाम से पेंशनर सम्बन्धी फर्जी विज्ञापन एवं लिंक प्रदर्शित हुआ था। बैंक की आधिकारिक सेवा समझकर वादी ने उक्त लिंक को खोला क्योंकि पीडित का खाता इंडसइंड बैंक में था तथा अपनी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा कर दी। साइबर अपराधियों ने प्राप्त सूचनाओं का दुरुपयोग करते हुए इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से 05-05 लाख रुपये के दो तथा 02 लाख रुपये का एक ट्रांजेक्शन कर कुल 12 लाख रुपये की अवैध निकासी कर लिया है। इस मामले में साइबर थाना पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू किया गया।
पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों के बैंक खातों का गहन विश्लेषण, मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल एवं लोकेशन ट्रैकिंग, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का संकलन, सर्विलांस तथा मुखबिर तंत्र की सहायता से अभियुक्तों की पहचान सुनिश्चित की गई। इसके बाद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी के नेतृत्व मे साइबर थाना व साइबर सेल की संयुक्त टीम झारखण्ड रवाना की गयी थी जिसमें पुलिस ने सफलता प्राप्त करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को कोडरमा झारखंड निवासी धीरज कुमार पुत्र कृष्णा सोनेकार धरगाँव फुलवारिया थाना नवलशाही व रवि मेहता पुत्र झारखण्डे मेहता निवासी बिगहा फुलवारिया थाना नवलशाही को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक पीओएस मशीन, एक चार पहिया, दर्जनों क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड व चार एन्ड्राॅयड मोबाइल फोन बरामद किया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ करने पर बताया कि हम लोग आम जनमानस को विभिन्न प्रलोभन देकर उनका केवाईसी विवरण प्राप्त कर उनके नाम से बैंक में फर्जी खाता खुलवाते थे जिसका एटीएम कार्ड अपने पास रखते थे। इसके पश्चात हम लोग
पेंशनर संबंधी व अन्य फर्जी तरीके से विभिन्न व्यक्तियों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी कर उनसे प्राप्त धनराशि को उक्त बैंक खातों में स्थानांतरित कराते थे तथा अपने पास रखे एटीएम कार्ड एवं क्रेडिट कार्ड के माध्यम से धनराशि की निकासी कर लेते थे, जिससे वास्तविक लाभार्थी एवं अपराधी की पहचान छिपी रहे। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / पीयूष त्रिपाठी

