एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने का फरार आरोपित गिरफ्तार
जोधपुर, 26 अक्टूबर (हि.स.)। बुजुर्गों को मदद करने के बहाने उनके एटीएम कार्ड बदलकर खातों से रुपए निकालने वाले शातिर गिरोह के एक वांछित आरोपी को चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित गोपाल जाट करीब तीन साल से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ हत्या, लूट और नकबजनी सहित करीब 10 गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इस मामले में पुलिस पूर्व में एक अन्य आरोपित को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के अनुसार 5 दिसंबर 2023 को सुगन विहार निवासी 78 वर्षीय खूबचंद खत्री ने चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिवादी ने बताया कि 4 दिसंबर 2023 को वह अशोक उद्यान के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के एटीएम पर पिन नंबर बनाने और रुपए निकालने गया था। पिन बनाने के बाद जब उसने रुपए निकालने के लिए कार्ड मशीन में डाला तो रुपए नहीं निकले।
मशीन के काम नहीं करने का संदेश देखकर वह परेशान हो गया। इसी दौरान पास खड़े एक अज्ञात व्यक्ति ने मदद करने के बहाने उसका एटीएम कार्ड निकालकर दूसरा कार्ड थमा दिया। परिवादी को कार्ड बदले जाने का पता नहीं चला। बाद में बैंक से फोन आया कि उसके खाते से रुपए निकाले गए हैं। जांच करने पर खाते से 10-10 हजार रुपए के चार लेनदेन और 70 हजार रुपए का एक अन्य लेनदेन सामने आया। इस तरह कुल 1.10 लाख रुपए की निकासी हुई। परिवादी ने तत्काल बैंक पहुंचकर अपना खाता बंद करवाया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस आयुक्त अंशुमान भोमिया और पुलिस उपायुक्त पश्चिम कमल शेखावत के निर्देश पर पुराने मामलों के निस्तारण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कार्रवाई की गई।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्रवीण कुमार और सहायक पुलिस आयुक्त प्रतापनगर नतीशा जाखड़ के मार्गदर्शन में चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थानाधिकारी गोविंद व्यास के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने सूचना संकलन और तकनीकी सहायता के आधार पर आरोपी मुंदड़ा, थाना सुजानगढ़ सदर, जिला चूरू निवासी गोपाल पुत्र शेराराम जाट को दस्तयाब कर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी अलग-अलग बैंकों के बंद एटीएम कार्ड अपने पास रखते थे। वे घरेलू काम का बहाना बनाकर कार किराये पर लेते और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर घूमते थे। एटीएम केंद्रों पर बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं को निशाना बनाते थे। मदद करने के बहाने उनका पिन नंबर देख लेते और चालाकी से असली कार्ड बदलकर दूसरा कार्ड थमा देते थे। इसके बाद खातों से रुपए निकालकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

