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सीएसएमसीएल के पूर्व प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी की पुलिस रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ी

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सीएसएमसीएल के पूर्व प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी की पुलिस रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ी


रायपुर, 20 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के 172 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में गिरफ्तार पूर्व प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी की पुलिस रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ा दी है।

अरुणपति त्रिपाठी को 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को रायपुर अदालत में उन्हें में पेश किया गया था । अदालत ने 20 जुलाई तक उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया था ।

जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 29 नवंबर 2023 को 3 लोगों से 28.80 लाख कैश जब्त किए थे। इस संबंध में राज्य शासन को सूचना भेजी गई थी, जिसके आधार पर ईओडब्ल्यू ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।

तीन दिन की रिमांड पूरी होने के बाद सोमवार को ईओडब्ल्यू ने उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त रिमांड मंजूर की गई।

ईओडब्ल्यू का मानना है कि त्रिपाठी से पूछताछ में अवैध भुगतान की मंजूरी, कमीशन नेटवर्क, मैनपावर एजेंसियों की भूमिका और अन्य अधिकारियों की संलिप्तता से जुड़े अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसी जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपितों से आमने-सामने पूछताछ भी कर सकती हैं।

जांच के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त चार कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर नियमों के विपरीत 172 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। आरोप है कि सर्विस चार्ज की राशि का बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में सिंडिकेट के जरिए बांटा गया।

इस मामले में ईओडब्ल्यू-एसीबी पहले ही अनवर ढेबर समेत 12 आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश कर चुकी है। वहीं, सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्क फोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेज, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर साल्यूशंस जैसी मैनपावर एजेंसियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा