यमुनानगर : स्टोन क्रेशर विवाद ने पकड़ा तूल, गिरफ्तारी के लिए आमने-सामने आए दो पक्ष
यमुनानगर, 23 मार्च (हि.स.)। जिले के बेलगढ़ क्षेत्र में स्टोन क्रेशर से जुड़े विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। दो युवकों के साथ कथित मारपीट और बंधक बनाए जाने के मामले में कार्रवाई की मांग पर एक ओर पीड़ित पक्ष धरना और भूख हड़ताल पर बैठा है, वहीं दूसरी ओर खनन से जुड़े कारोबारी भी खुलकर सामने आ गए हैं।
रविवार से शुरू हुआ आमरण अनशन सोमवार को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इससे पूर्व 16 मार्च से संबंधित समाज के लोग और भीम आर्मी के कार्यकर्ता लघु सचिवालय के बाहर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि सभी आरोपियों को तुरंत हिरासत में लिया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। शिकायकर्ता पक्ष के अनुसार एक मार्च को दो युवक बेलगढ़ क्षेत्र में खनन गतिविधियों की जानकारी लेने पहुंचे थे, जहां कुछ लोगों ने उन्हें रोककर कथित रूप से मारपीट की। आरोप है कि दोनों को कुछ समय तक एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। मामले ने नया मोड़ तब लिया जब खनन कारोबार से जुड़े लोग भी बड़ी संख्या में लघु सचिवालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग खुद को पत्रकार बताकर लंबे समय से उनसे धन की मांग कर रहे थे और उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था। खनन कारोबारियों ने प्रशासन से इस पहलू की भी जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में पुलिस अधिकारी डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। मामले की जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

