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निवारू बाईपास हत्याकांड का 12 घंटे में खुलासा, पत्नी गिरफ्तार, नाबालिग पुत्र निरुद्ध

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निवारू बाईपास हत्याकांड का 12 घंटे में खुलासा, पत्नी गिरफ्तार, नाबालिग पुत्र निरुद्ध


जयपुर, 03 अप्रैल (हि.स.)। करधनी थाना क्षेत्र के निवारू बाईपास पर मिले युवक के अधजले शव मामले का पुलिस ने महज 12 घंटे में खुलासा करते हुए आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में साक्ष्य मिटाने में सहयोग करने पर महिला के नाबालिग पुत्र को भी निरुद्ध किया गया है।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि 2 अप्रैल को शिवनगर बाईपास के पास एक बोरे में लावारिस शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव का चेहरा और कमर का हिस्सा पेट्रोल डालकर जलाया गया था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल था। घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश गुप्ता एवं एसीपी आलोक कुमार के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को अहम सुराग मिला, जिसमें एक महिला और एक किशोर तड़के करीब 3 बजे साइकिल रिक्शा में बोरा ले जाते और उसे फेंकते हुए दिखाई दिए।

फुटेज के आधार पर पुलिस टीम रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी, नांगल जैसा बोहरा स्थित एक मकान तक पहुंची, जहां मृतक की पहचान 35 वर्षीय शेख साहन निवासी मालदा (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई। घटना के बाद आरोपी के फरार होने की आशंका पर बस अड्डों और रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर सादा वर्दी में पुलिस तैनात की गई, जिसके बाद आरोपी पत्नी मौसमी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि मृतक शेख साहन शराब के नशे में आए दिन पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था। इससे तंग आकर मौसमी ने 2 अप्रैल की रात पति के सिर पर हथौड़े से वार कर और रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने नाबालिग बेटे के साथ मिलकर शव को प्लास्टिक के बोरे में डालकर सुनसान स्थान पर फेंक दिया और पहचान छिपाने के लिए पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया।

पुलिस के अनुसार आरोपी महिला कचरा बीनने का काम करती है और उसे डंपिंग यार्ड की जानकारी थी। शव को साइकिल रिक्शा से वहां ले जाकर जलाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग पूरी तरह नहीं जलने से शव अधजली अवस्था में ही बरामद हो गया। मामले के खुलासे में करधनी थानाधिकारी सवाई सिंह, डीएसटी प्रभारी गणेश सैनी, खोराबीसल थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह सहित तकनीकी शाखा के राजमहेंद्र, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह और कांस्टेबल बाबूलाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश