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पेयजल घोटाला: पाइपलाइन बिछी, लेकिन पानी सप्लाई नहीं, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष समेत 10 पर एफआईआर

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पेयजल घोटाला: पाइपलाइन बिछी, लेकिन पानी सप्लाई नहीं, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष समेत 10 पर एफआईआर


बड़वानी, 10 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के अंजड़ नगर परिषद में पेयजल योजना में हुए कथित घोटाले को लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ओम खंडेलवाल सहित 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में अंजड़ क्षेत्र के करीब 2700 घरों में नल कनेक्शन देने के लिए 12 लाख 28 हजार रुपये से अधिक की पेयजल योजना स्वीकृत हुई थी। आरोप है कि योजना के तहत पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन न तो घरों में मीटर लगाए गए और न ही आज तक पानी की आपूर्ति शुरू हो सकी।

जांच में सामने आया कि ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों ने मिलीभगत कर योजना में अनियमितताएं कीं। उस समय इस योजना का ठेका पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ओम खंडेलवाल को मिला था।

ईओडब्ल्यू ने इस मामले में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष एवं ठेकेदार ओम खंडेलवाल, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष मंजुला राकेश पाटीदार, पूर्व अध्यक्ष पुष्पा परमार, तत्कालीन सीएमओ सुरेंद्र सिंह पवार, अमरदास सेनानी, मायाराम सोलंकी, इंजीनियर दिनेश पटेल, लेखापाल हुकुमचंद मालवीय, ठेकेदार परेश सौरठिया और मनीष मकवाना को आरोपी बनाया है।

वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद जीतेंद्र परमार ने बताया कि जांच के दौरान उन्होंने ईओडब्ल्यू टीम को बताया था कि क्षेत्र में पाइपलाइन अधूरी पड़ी है और कहीं भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई है। वहीं शिकायतकर्ता दीपेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि वर्षों से शिकायतें करने के बावजूद प्रशासन ने देर से कार्रवाई की।

ईओडब्ल्यू की डीएसपी मधु राठौर के अनुसार, आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / Rajesh Rathore