जबलपुरः डाइंग डिक्लेरेशन से बदला आकांक्षा पटेल मौत मामले का रुख, पति और सास पर मामला दर्ज
जबलपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में पाटन थाना क्षेत्र के बिनैकी गांव निवासी आकांक्षा पटेल की मौत के मामले में जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। प्रारंभिक जांच में जहां मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर किसी प्रकार के उत्पीड़न से इनकार किया था, वहीं मृतका के मृत्यु पूर्व दर्ज बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) के आधार पर पुलिस ने पति और सास के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
गुरुवार को नगर पुलिस अधीक्षक पाटन लोकेश डाबर ने बताया कि 17 जुलाई को आकांक्षा पटेल को जहरीले पदार्थ के सेवन के बाद उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान मृतका के मायके पक्ष ने पुलिस को दिए बयानों में बताया था कि आकांक्षा को ससुराल में किसी प्रकार की शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना नहीं दी जाती थी तथा दहेज की कोई मांग भी नहीं की गई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि आकांक्षा ने संभवतः गलती से जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। मायके पक्ष ने पति और सास के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करने संबंधी शपथ-पत्र भी पुलिस को सौंपा था।
मृतका ने अपने बयान में यह भी कहा कि विवाद सुलझाने के लिए उसके माता-पिता ससुराल पहुंचे थे, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। लगातार विवादों से मानसिक रूप से परेशान होकर उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।
हालांकि मर्ग जांच के दौरान कार्यपालिक दंडाधिकारी द्वारा अस्पताल में चिकित्सक की उपस्थिति में मृतका का मृत्यु पूर्व बयान दर्ज किया गया। बयान में आकांक्षा ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद से उसकी सास जमुना बाई आए दिन उससे विवाद करती थी, ताने देती थी और पति को उसके विरुद्ध भड़काती थी, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच लगातार तनाव बना रहता था।
पुलिस के अनुसार मृत्यु पूर्व बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर पति सतेन्द्र पटेल और सास जमुना बाई के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रताड़ित करने संबंधी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

