जबलपुर में इलाज के नाम पर अमानवीयता का आरोप: दो महिलाओं के काटे गए पैर, न्याय के लिए भटक रहे पीड़ित
जबलपुर, 24 मार्च (हि.स.)। शहर के गढ़ा थाना क्षेत्र स्थित स्मार्ट सिटी अस्पताल पर गंभीर लापरवाही और बीमा क्लेम के लालच में मरीजों के पैर काटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़ितों ने पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार, सड़क हादसे में घायल हुईं बसंती मल्लाह, सुकून बाई और राजू मल्लाह को पहले श्रीधाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए स्मार्ट सिटी अस्पताल रेफर किया गया।
पीड़ितों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के समय उनके पैरों में हलचल थी और स्थिति नियंत्रित की जा सकती थी। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने समुचित इलाज करने के बजाय उनके पैरों पर प्लास्टर चढ़ाकर उसे पन्नी से ढंक दिया, जिससे घाव सड़ने लगे और संक्रमण बढ़ गया। पीड़ितों का कहना है कि लापरवाही के चलते हालत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने कथित रूप से बीमा राशि के लालच में उनके पैर काट दिए, जिससे वे जीवनभर के लिए अपाहिज हो गईं।
इस मामले को लेकर पीड़ित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। पीड़ितों ने कलेक्टर, एसपी और संबंधित थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना उस समय शुरू हुई जब एक ट्रक (MP21ZD9367) ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पीड़ितों का कहना है कि वे अस्पताल में ठीक होने की उम्मीद लेकर गए थे, लेकिन वहां की कथित लापरवाही ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है और क्या पीड़ितों को न्याय मिल पाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

