शिमला में तीन और आदतन नशा तस्करों को तीन महीने की जेल
शिमला, 23 फ़रवरी (हि.स.)। जिला पुलिस शिमला ने नशे के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत कार्रवाई करते हुए तीन सक्रिय आदतन तस्करों को पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत तीन महीने की निवारक नजरबंदी में जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार पहला आरोपी इंदर देव उर्फ दानु (41) निवासी मंधोरपाट हिरासत में लेकर जेल भेजा गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक दानु काफी समय से नशा तस्करी में सक्रिय था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2022 में बालूगंज शिमला थाना क्षेत्र में उससे 40.26 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) और 16.35 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। वर्ष 2023 में फिर 18.55 ग्राम हेरोइन पकड़ी गई। 2024 में पंजाब के जिरकपुर में 60 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जबकि दिसंबर 2025 में धर्मपुर (सोलन) में 2.47 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ शिमला समेत अन्य जिलों और राज्यों में कुल 52 आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं, जिनमें एनडीपीएस, आबकारी, चोरी-सेंधमारी, सड़क दुर्घटना और मारपीट से जुड़े मामले शामिल हैं।
दूसरा आरोपी दीपक ठाकुर (35) निवासी नवबहार, छोटा शिमला है। पुलिस ने उसे भी तीन महीने के लिए जेल भेजा है। उसके खिलाफ 2021 में बालूगंज थाना क्षेत्र में 64.34 ग्राम हेरोइन और 2025 में संजौली में 5.480 ग्राम हेरोइन बरामद होने के मामले दर्ज हैं।
तीसरा आरोपी संजीव कुमार उर्फ घोड़ा (34) निवासी ठियोग क्षेत्र है, जिसे निवारक नजरबंदी में जेल भेजा गया। पुलिस के अनुसार वह भी लंबे समय से नशा तस्करी में सक्रिय था। उसके खिलाफ ढली थाना में 2020 से 2025 के बीच चार मामले दर्ज हैं, जिनमें अलग-अलग समय पर हेरोइन की बरामदगी हुई थी।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने सोमवार को बताया कि पिछले 28 दिनों में डिटेंशन आदेशों के आधार पर कुल 21 आदतन और संगठित नशा तस्करों को तीन-तीन महीने के लिए जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि निवारक नजरबंदी का उद्देश्य अवैध नशा व्यापार की कड़ी तोड़ना, संगठित गिरोहों को कमजोर करना और आरोपियों को दोबारा ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से रोकना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

