आदतन नशा तस्कर पर पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई, कंडा जेल भेजा
शिमला, 11 जून (हि.स.)। शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक आदतन नशा तस्कर के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी में बार-बार संलिप्त पाए गए आरोपी अरविंद चौहान को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक हिरासत में लेकर कंडा जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य आदतन नशा तस्करों को दोबारा अपराध करने से रोकना और समाज को नशे के अवैध कारोबार से सुरक्षित रखना है।
पुलिस के अनुसार 37 वर्षीय अरविंद चौहान, रोहड़ू उपमंडल के धनोटी गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ धारा 3(1) पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसे हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंजूरी दी। इसके बाद उसके खिलाफ विधिवत डिटेंशन आदेश जारी किए गए।
पुलिस ने बताया कि आदेशों के तहत 9 जून 2026 को आरोपी को हिरासत में लिया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे आदर्श कारागार कंडा में दाखिल कर दिया गया है।
शिमला पुलिस के अनुसार अरविंद चौहान का आपराधिक रिकॉर्ड बताता है कि वह लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले भी कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2018 में रोहड़ू थाना में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद वर्ष 2019 में जुब्बल थाना में दर्ज एक मामले में उससे 4.50 ग्राम हेरोइन बरामद होने का आरोप है। वर्ष 2020 में रोहड़ू थाना में दर्ज एक अन्य मामले में करीब 1.27 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। वहीं वर्ष 2024 में कोटखाई थाना में दर्ज मामले में 468.38 ग्राम चिट्टा बरामद होने का आरोप भी उसके खिलाफ दर्ज है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ बार-बार सामने आए मामलों को देखते हुए पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई जरूरी समझी गई। यह कानून ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे लगातार नशा तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल हैं और भविष्य में भी ऐसे अपराध कर सकते हैं।
शिमला पुलिस ने कहा है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। पुलिस के अनुसार नशे के अवैध कारोबार में शामिल आदतन अपराधियों के खिलाफ उपलब्ध सभी कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके और समाज में सुरक्षित तथा स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

