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शिमला पुलिस का बड़ा एक्शन, चंडीगढ़-अमृतसर से चिट्टा सप्लायर गिरफ्तार, इस साल 29 गिरोह ध्वस्त

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शिमला पुलिस का बड़ा एक्शन, चंडीगढ़-अमृतसर से चिट्टा सप्लायर गिरफ्तार, इस साल 29 गिरोह ध्वस्त


शिमला, 16 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शिमला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चिट्टा तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ और पंजाब के अमृतसर से दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गहन जांच, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन के विश्लेषण के जरिए अंतरराज्यीय नशा नेटवर्क तक पहुंच बनाई गई है।

पहला मामला पुलिस थाना ढली में 13 मई को दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने निखिल ठाकुर और सुलभ थापा को करीब 11 ग्राम चिट्टा या हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। निखिल ठाकुर शिमला के चौड़ा मैदान क्षेत्र का रहने वाला है और पेशे से अधिवक्ता है, जबकि दूसरा आरोपी सुलभ थापा टुटीकंडी क्षेत्र का निवासी है।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और पैसों के लेनदेन की जांच की। इसके बाद चिट्टे की सप्लाई करने वाले आरोपी की पहचान चंडीगढ़ निवासी आकाश के रूप में हुई। पुलिस थाना ढली की टीम ने 15 मई को चंडीगढ़ में दबिश देकर आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी राम दरबार इंडस्ट्रियल एरिया, फेस-1, चंडीगढ़ का रहने वाला बताया गया है।

इसी तरह दूसरा मामला रामपुर थाना में 9 मई को दर्ज किया गया था।

इस मामले में पुलिस ने रोहित चौहान, तुषार वर्मा और प्रवीण कुमार को 9 ग्राम चिट्टा और इस्तेमाल की हुई डिस्पोजेबल सिरिंज के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैकवर्ड लिंकिज और सप्लाई चेन को खंगाला। मोबाइल फोन और वित्तीय लेनदेन की जांच में पता चला कि यह खेप पंजाब के अमृतसर से सप्लाई की गई थी।

इसके बाद पुलिस थाना कुमारसैन की टीम ने कार्रवाई करते हुए 15 मई को अमृतसर से आरोपी अमनदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अमृतसर के हमीदपुरा कॉलोनी क्षेत्र का रहने वाला है।

शिमला पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में एनडीपीएस एक्ट के मामलों की जांच में विशेष सुधार किया गया है। पुलिस अब केवल छोटे स्तर के पेडलरों तक सीमित न रहकर मुख्य सप्लायरों और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर काम कर रही है। इसी रणनीति के तहत इस साल अब तक बैकवर्ड लिंकिज के आधार पर 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पिछले साल की तुलना में करीब सात गुना अधिक है।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और केरल समेत कई राज्यों में सक्रिय 29 अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्कों को ध्वस्त किया गया है। एसएसपी का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से नशे की सप्लाई चेन कमजोर हो रही है और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा है कि नशा तस्करी के खिलाफ सख्त और सुनियोजित अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा