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शिमला में चिट्टे के दो बड़े सप्लायर गिरफ्तार, एक था नेपाल भागने की फिराक में

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शिमला में चिट्टे के दो बड़े सप्लायर गिरफ्तार, एक था नेपाल भागने की फिराक में


शिमला, 07 नवंबर (हि.स.)। शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पंजाब से दो बड़े सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। इनमें ननखड़ी क्षेत्र का 52 वर्षीय बलबीर सिंह उर्फ फौजी भी शामिल है, जिसे अमृतसर से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार वह नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था। दूसरे मामले में लुधियाना से 35 वर्षीय गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा उर्फ गोपी को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों के तार शिमला में पकड़े गए चिट्टा तस्करी के मामलों से जुड़े हैं। पुलिस ने जांच के दौरान स्थानीय स्तर पर नशा बेचने वालों से लेकर पंजाब में बैठे सप्लायरों तक पहुंच बनाई है। शिमला पुलिस के एक प्रवक्ता ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि पहले मामले में 27 अक्टूबर को शिमला पुलिस की स्पेशल सेल ने गुप्त सूचना के आधार पर शोघी बैरियर पर एक टैक्सी की तलाशी ली थी। इसमें सवार अमृतसर निवासी 34 वर्षीय रेशम सिंह के कब्जे से करीब 257 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुआ था। जांच में पता चला कि यह खेप ननखड़ी के बलबीर सिंह उर्फ फौजी को पहुंचाई जानी थी। पुलिस के अनुसार बलबीर क्षेत्र में चिट्टे का बड़ा सप्लायर है। उसकी तलाश के लिए विशेष टीम बनाई गई। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पुराने मोबाइल नंबर बंद कर दिए थे और अपने ठिकाने भी बदल लिए थे। करीब एक सप्ताह की तलाश के बाद पुलिस ने 5 नवंबर को उसे अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि वह नेपाल भागने की तैयारी में था।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बलबीर के खिलाफ पहले से छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें आबकारी अधिनियम के दो और एनडीपीएस एक्ट के चार मामले शामिल हैं। वर्ष 2019 में ननखड़ी थाने में दर्ज मामले में उसके कब्जे से 380 ग्राम चरस और 29.37 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। वर्ष 2023 में कोटखाई में दर्ज मामले में 107.93 ग्राम चिट्टा और उसी वर्ष वेस्ट शिमला में दर्ज मामले में 150.05 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। वर्ष 2024 में वेस्ट शिमला में दर्ज एक अन्य मामले में 41.810 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। वर्ष 2020 में कुमारसैन थाने में उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के दो मामले भी दर्ज हुए थे।

दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने लुधियाना निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा उर्फ गोपी को गिरफ्तार किया। इस मामले की शुरुआत 27 सितंबर को ठियोग उपमंडल की डिटेक्शन सेल की कार्रवाई से हुई थी। पुलिस ने गुम्मा में रूपेश, शिवम वर्मा और लालू कुमार उर्फ कृष्णा को करीब 50 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा था। जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी पंजाब के लुधियाना निवासी गुरप्रीत सिंह से चिट्टा खरीदकर शिमला में बेचने के लिए लाए थे। पुलिस ने सप्लाई के स्रोत का पता लगाते हुए 5 नवंबर को गुरप्रीत को लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार गुरप्रीत के खिलाफ पंजाब में पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2013 में लुधियाना में उसके खिलाफ अपहरण से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2022 में मोहाली के एसएएस नगर में दर्ज एनडीपीएस मामले में 2 किलो 415 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। वहीं, मार्च 2026 में लुधियाना में दर्ज एक अन्य एनडीपीएस मामले में 230 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। पुलिस का कहना है कि दोनों गिरफ्तारियों से हिमाचल में चिट्टे की सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियां सामने आई हैं।

शिमला पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 94 मुख्य नशा सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वर्ष 2025 में यह संख्या आठ और वर्ष 2024 में 15 थी। पुलिस ने दावा किया है कि इस वर्ष अब तक 69 अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क को भी तोड़ा गया है, जबकि वर्ष 2024 और 2025 में ऐसे चार नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। पुलिस का कहना है कि आगे भी सप्लाई चेन के मुख्य स्रोतों तक पहुंचकर नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा