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शिमला में 562 स्ट्रिप्स एलएसडी बरामदगी मामले में बड़ा खुलासा, केरल का तस्कर गिरफ्तार

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शिमला में 562 स्ट्रिप्स एलएसडी बरामदगी मामले में बड़ा खुलासा, केरल का तस्कर गिरफ्तार


शिमला, 13 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। शिमला पुलिस ने एलएसडी तस्करी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए इसके मुख्य सप्लायर को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है।

दरअसल, तीन दिन पहले पुलिस थाना न्यू शिमला की टीम ने कार्रवाई करते हुए एलएसडी बरामद कर एक युवती समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई 10 मार्च को दर्ज मामले के तहत की गई थी, जिसमें एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 और 29 के अंतर्गत केस दर्ज किया गया।

पुलिस ने उस समय पंजाब के मोगा निवासी संदीप शर्मा और हिमाचल की सिरमौर निवासी प्रिया शर्मा को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से 562 स्टैम्प साइज स्ट्रिप्स में करीब 11.570 ग्राम एलएसडी बरामद की गई थी। यह बरामदगी शिमला में हाल के समय की बड़ी एलएसडी बरामदगी मानी जा रही है।

इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाया। आरोपियों से गहन पूछताछ की गई और उनके मोबाइल व अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। इसी जांच के दौरान पुलिस को एलएसडी सप्लाई करने वाले व्यक्ति के बारे में अहम सुराग मिले।

जांच में सामने आया कि एलएसडी की सप्लाई केरल के कालीकट निवासी 27 वर्षीय नविएल हैरिसन कर रहा था। इसके बाद शिमला पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को गुरुग्राम (हरियाणा) में दबिश दी और आरोपी नविएल हैरिसन को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नविएल हैरिसन और संदीप शर्मा लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और मिलकर एलएसडी की तस्करी कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि संदीप शर्मा सामान्य फोन कॉल का इस्तेमाल नहीं करता था और वह संपर्क के लिए केवल व्हाट्सएप का उपयोग करता था, जिससे पुलिस की नजर से बचा जा सके।

शिमला पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि संदीप शर्मा, नविएल हैरिसन को एलएसडी के बदले कैनाबिस यानी गांजा भी उपलब्ध कराता था। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि दोनों के बीच नशे के अलग-अलग पदार्थों का लेन-देन लंबे समय से चल रहा था।

फिलहाल शिमला पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा यह नशा किन-किन जगहों तक पहुंचाया जा रहा था।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि इस साल अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 77 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 144 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 14 लोगों को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों से गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें नशे की तस्करी की सप्लाई चेन से जुड़े “बैकवर्ड लिंक” के रूप में पकड़ा गया है।

इसके अलावा पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत पिछले 48 दिनों में 30 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उनका कहना है कि शिमला में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा