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इंस्टाग्राम और क्यूआर कोड के जरिए चल रहा था चिट्टे का नेटवर्क, शिमला पुलिस ने पकड़े तीन सरगना

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इंस्टाग्राम और क्यूआर कोड के जरिए चल रहा था चिट्टे का नेटवर्क, शिमला पुलिस ने पकड़े तीन सरगना


शिमला, 25 मई (हि.स.)। दुकान पर सामान खरीदने आए ग्राहक क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान कर रहे थे, लेकिन उन्हें यह अंदाजा भी नहीं था कि उनके जरिए ट्रांसफर हो रहा पैसा चिट्टे के कारोबार में इस्तेमाल किया जा रहा है। इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क, अलग-अलग बैंक खातों में लेनदेन और राज्यों के पार फैला नेटवर्क। शिमला पुलिस ने ऐसे ही एक संगठित चिट्टा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पंजाब और हरियाणा से तीन मुख्य सप्लायर सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने इसकी पुष्टि की है।

एसएसपी के अनुसार यह कार्रवाई दो अलग-अलग मामलों की जांच के दौरान की गई। पहला मामला पुलिस थाना संजौली में 18 मई को दर्ज हुआ था। पुलिस ने संजौली निवासी 35 वर्षीय रवि कुमार उर्फ बंटी के कब्जे से करीब 26 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और डिजिटल गतिविधियों की जांच की। इसमें पता चला कि आरोपी अपनी दुकान पर आने वाले ग्राहकों से अलग-अलग क्यूआर स्कैनर के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाता था। ग्राहकों को यह जानकारी नहीं होती थी कि इन पैसों का इस्तेमाल नशीले पदार्थ खरीदने में किया जा रहा है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी यह रकम पंजाब के तरनतारन निवासी युवक को भेज रहा था, जो उसे चिट्टा सप्लाई करता था। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 22 मई को पंजाब के जंडियाला गुरु क्षेत्र से 21 वर्षीय शवनदीप को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार वही इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर था।

इसी तरह दूसरा मामला पुलिस थाना बालूगंज में दर्ज किया गया था। पुलिस ने सोलन निवासी 23 वर्षीय जय सिंघला के कब्जे से 14 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। आरोपी से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के दौरान पता चला कि पंजाब के मोगा निवासी अमृत पाल इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर था। जांच में यह भी सामने आया कि हरियाणा का कुलदीप सिंह उसके साथ मिलकर नेटवर्क चला रहा था और चिट्टे की डिलीवरी का काम करता था।

पुलिस के अनुसार जय सिंघला और अमृत पाल की पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। दोनों के बीच लाखों रुपये का लेनदेन भी सामने आया है। इसके बाद पुलिस ने 25 मई को पंजाब के मोगा से अमृत पाल और हरियाणा के पिंजौर क्षेत्र से कुलदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि अब नशा तस्करी के मामलों में केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं की जा रही, बल्कि पूरी सप्लाई चेन और उसके मूल स्रोत तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 134 मामले दर्ज किए गए हैं और 286 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार इस साल अब तक 42 ड्रग सप्लायरों को पकड़ा गया है और 32 अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा