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शिमला पुलिस ने पंजाब-हरियाणा से दबोचे दो बड़े चिट्टा सप्लायर

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शिमला पुलिस ने पंजाब-हरियाणा से दबोचे दो बड़े चिट्टा सप्लायर


शिमला, 19 जून (हि.स.)। शिमला पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो अलग-अलग मामलों में चिट्टे (हेरोइन) के दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि ये दोनों आरोपी बाहरी राज्यों से अपर शिमला क्षेत्र में हेरोइन की आपूर्ति कर रहे थे। पुलिस ने तकनीकी जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तस्करी नेटवर्क की बैकवर्ड लिंकेज की पड़ताल करते हुए इन आरोपियों तक पहुंच बनाई।

पहला मामला पुलिस थाना ठियोग में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले से जुड़ा है। पांच जून 2026 को ठियोग पुलिस ने राजेश चौहान निवासी जुब्बल, मानिक सूद निवासी कोटखाई और अंशुल शर्मा निवासी जुब्बल के कब्जे से 9.150 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, तकनीकी विश्लेषण और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर मादक पदार्थ की सप्लाई चेन की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि बरामद हेरोइन की आपूर्ति पंजाब के खरड़ निवासी हिमान्शु कनौजिया उर्फ हर्ष ने की थी। इसके बाद ठियोग पुलिस की टीम ने 16 जून को मोहाली जिले के खरड़ क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए हिमान्शु कनौजिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

इसी तरह दूसरा मामला पुलिस थाना जुब्बल में दर्ज एक एनडीपीएस केस से संबंधित है। 28 अप्रैल 2026 को जुब्बल पुलिस ने 20.09 ग्राम चिट्टा बरामद कर पंकज, विनय वर्मा और पूजा नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज की पड़ताल करते हुए सप्लाई नेटवर्क के मुख्य स्रोत तक पहुंचने का प्रयास किया। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस को हरियाणा के फतेहाबाद जिले में सक्रिय एक सप्लायर की जानकारी मिली। इसके बाद जुब्बल पुलिस की टीम ने 17 जून को हरियाणा के फतेहाबाद में दबिश देकर 24 वर्षीय मनजीत सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि मनजीत सिंह ही पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों के माध्यम से अपर शिमला क्षेत्र में चिट्टे की आपूर्ति करता था। पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने शुक्रवार को बताया कि शिमला पुलिस अब केवल स्थानीय स्तर पर नशा बेचने वाले पेडलरों तक सीमित नहीं है, बल्कि मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले मूल स्रोतों और संगठित तस्करी नेटवर्कों को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता आधारित जांच और सप्लाई चेन को ध्वस्त करने की रणनीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस ने 2.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा एक किलोग्राम था। यानी पिछले वर्ष की तुलना में इस साल ढाई गुना अधिक हेरोइन जब्त की गई है। इसके अलावा बैकवर्ड लिंकेज जांच के माध्यम से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र और केरल समेत विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों से 51 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 2025 में ऐसे केवल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी।

एसएसपी गौरव सिंह के अनुसार वर्ष 2026 में शिमला पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े 40 अंतरराज्यीय नेटवर्कों का भी भंडाफोड़ किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा