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चिट्टे के दो मामलों में बैकवर्ड लिंक से मुख्य सप्लायरों तक पहुंची शिमला पुलिस

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चिट्टे के दो मामलों में बैकवर्ड लिंक से मुख्य सप्लायरों तक पहुंची शिमला पुलिस


शिमला, 05 अक्टूबर (हि.स.)। नशे के खिलाफ कार्रवाई में शिमला पुलिस ने सप्लाई चेन तक पहुंचने पर जोर दिया है। पुलिस ने हाल में चिट्टे के दो मामलों की जांच में बैकवर्ड लिंक विकसित कर दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इन कार्रवाइयों से दो अंतरराज्यीय नशा सप्लाई नेटवर्क का पता चला है। दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है।

पहले मामले में 27 सितंबर को शोघी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान कुल्लू जिले के निथर निवासी 26 वर्षीय क्षितिज वर्मा के कब्जे से करीब छह ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। बालूगंज थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि क्षितिज वर्मा मनीमाजरा, चंडीगढ़ निवासी रोहित उर्फ राहुल के संपर्क में था। पुलिस के अनुसार रोहित इस मामले में मुख्य सप्लायर के रूप में सामने आया।

पुलिस ने क्षितिज वर्मा के मोबाइल फोन का विश्लेषण किया। इसमें दोनों के बीच वटस ऐप चैट मिली। इसके साथ ही सीडीआर और आईपीडीआर के विश्लेषण से भी दोनों के बीच संपर्क और मनीमाजरा में हुई मुलाकात से संबंधित तथ्य सामने आए। इन डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने नशे की सप्लाई के स्रोत तक पहुंचने के लिए आगे की कड़ियां जोड़ीं। इसके बाद विशेष पुलिस टीम चंडीगढ़ भेजी गई। टीम ने 4 अक्टूबर को रोहित उर्फ राहुल को मनीमाजरा से गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस अब सप्लाई के स्रोत और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

दूसरे मामले में 27 सितंबर को चड़गांव थाना क्षेत्र के बडियारा में गश्त के दौरान 30 वर्षीय अमित, निवासी चिड़गांव, को संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। उसके कब्जे से करीब सात ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मोबाइल डेटा और सीडीआर से मिले सुरागों का विश्लेषण किया गया।

पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि बरामद चिट्टा बलौंगी, मोहाली में वीरेंद्र नाम के व्यक्ति से लिया गया था।

आगे की जांच में चिड़गांव निवासी 41 वर्षीय संदीप पुत्र सुरेश चौहान की संलिप्तता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस टीम ने संदीप की तलाश की और उसे बलौंगी, मोहाली से पूछताछ के बाद 30 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार इस मामले में भी नशे की सप्लाई के स्रोत, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनके आपसी संपर्क की जांच जारी है।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि नशे के मामलों में अब कार्रवाई केवल बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखी जा रही है। पुलिस मोबाइल डेटा, सीडीआर, डिजिटल साक्ष्यों और जांच के दौरान मिले अन्य सुरागों का विश्लेषण कर सप्लाई की पिछली कड़ियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया के जरिए मुख्य सप्लायरों और सप्लाई चेन में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर नशे के नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 80 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए गए हैं और 61 नशा सप्लाई नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई की गई है। वर्ष 2024 में आठ मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए गए थे और चार नेटवर्क का पता लगाया गया था। वर्ष 2025 में 14 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए गए और तीन नशा सप्लाई नेटवर्क को तोड़ा गया। शिमला पुलिस के अनुसार दोनों मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा