दो तस्करों के बाद चरस के सप्लॉयर तक पहुंची पुलिस, गिरफ्तार
शिमला, 06 जून (हि.स.)। जिला शिमला में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने रोहड़ू उपमण्डल में पकड़ी गई 509 ग्राम चरस की खेप के सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच के दौरान बरामद चरस के स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क की पड़ताल की गई, जिसके बाद इस खेप की आपूर्ति करने वाले आरोपी की पहचान हुई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान महेंद्र सिंह (54) के रूप में हुई है, जो चिड़गांव क्षेत्र के गांव गोकस्वारी का निवासी है। उसे 3 जून को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चरस की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
यह मामला 18 मई का है, जब पुलिस थाना रोहड़ू के डिटेक्शन सेल की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान माखीनाला क्षेत्र में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक वाहन में मादक पदार्थ ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। जांच के दौरान वाहन की डिक्की में छिपाकर रखे गए एक कैरी बैग से 509 ग्राम चरस बरामद की गई।
बरामदगी के बाद पुलिस थाना रोहड़ू में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में मौके पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें लोअर खलीनी, शिमला निवासी 27 वर्षीय जितेंद्र ठाकुर और 25 वर्षीय राजन ठाकुर शामिल हैं। दोनों आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की आगे जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने चरस की खेप के स्रोत तक पहुंचने के लिए विभिन्न तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस का कहना है कि इसी जांच में महेंद्र सिंह की कथित भूमिका सामने आई। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर उसे मामले में नामजद करते हुए गिरफ्तार किया गया।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि नशा तस्करी के मामलों में केवल बरामदगी तक सीमित रहने के बजाय अब पूरे नेटवर्क को खंगालने पर जोर दिया जा रहा है। इसी रणनीति के तहत पुलिस चरस और अन्य मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला की जांच कर रही है, ताकि सप्लायरों और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

