व्हाट्सएप पर चलता था चिट्टे का कारोबार, परिवार के खातों में आती थी रकम, पंजाब से दबोचा सप्लायर
शिमला, 16 जून (हि.स.)। राजधानी शिमला में पकड़े गए एक चिट्टा तस्कर की जांच ने नशे के उस नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो पूरी तरह व्हाट्सएप चैट और दूसरे लोगों के बैंक खातों के सहारे चल रहा था। पुलिस के अनुसार पंजाब का एक कथित सप्लायर चिट्टे की सप्लाई के लिए सीधे अपने खाते का इस्तेमाल नहीं करता था। वह पैसे दोस्तों और परिवार के सदस्यों के खातों में मंगवाता था और बाद में खुद नकदी निकाल लेता था। इसी जांच के आधार पर शिमला पुलिस ने पंजाब के खरड़ में दबिश देकर 309 ग्राम हेरोइन के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक थाना सदर शिमला में 10 जून को एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ। इस मामले में मंडी जिले के धर्मपुर निवासी राहुल ठाकुर के कब्जे से करीब 7 ग्राम चिट्टा और 23 हजार रुपये नकद बरामद किए गए थे। शुरुआती तौर पर यह मामला एक स्थानीय तस्कर की गिरफ्तारी तक सीमित दिखाई दे रहा था, लेकिन पुलिस ने बैकवर्ड लिंकज की जांच को प्राथमिकता देते हुए मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल शुरू की। जांच में सामने आया कि बरामद हेरोइन की सप्लाई पंजाब के खरड़ निवासी हरप्रीत सिंह उर्फ हैरी कर रहा था, जो कथित तौर पर लंबे समय से इस कारोबार में सक्रिय था।
जांच में मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर शिमला पुलिस की टीम 13 जून को पंजाब के खरड़ पहुंची। यहां आरोपी के ठिकाने पर दबिश के दौरान उसके कब्जे से 309 ग्राम चिट्टा और 61,900 रुपये नकद बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने हरप्रीत सिंह उर्फ हैरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी केवल व्हाट्सएप के माध्यम से ग्राहकों और नेटवर्क से संपर्क करता था ताकि सामान्य कॉल रिकॉर्ड के जरिए उसकी गतिविधियों का पता न चल सके। इसके अलावा भुगतान की रकम सीधे अपने खाते में लेने के बजाय वह रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में डलवाता था।
इस कार्रवाई के बाद मामले में अब तक कुल 316 ग्राम चिट्टा बरामद किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अब इस सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आशंका है कि नेटवर्क में कई और लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान के लिए वित्तीय लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
शिमला पुलिस का दावा है कि अब उसकी रणनीति केवल छोटे स्तर के पेडलरों और नशा करने वालों तक सीमित नहीं है, नशे की आपूर्ति करने वाले मूल स्रोतों तक पहुंचने की है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में पूरे साल के दौरान करीब एक किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी, जबकि वर्ष 2026 में अब तक करीब 2.5 किलोग्राम हेरोइन जब्त की जा चुकी है। इसी अवधि में एनडीपीएस एक्ट के तहत 157 मामले दर्ज हुए हैं और 272 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 49 आरोपी पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र और केरल जैसे राज्यों व क्षेत्रों से बैकवर्ड लिंकज जांच के जरिए पकड़े गए हैं। पुलिस के अनुसार यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में करीब सात गुना अधिक है। साथ ही इस वर्ष 38 अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

