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शिमला : अंतरराज्यीय चिट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश, दो सप्लायर गिरफ्तार

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शिमला : अंतरराज्यीय चिट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश, दो सप्लायर गिरफ्तार


शिमला, 18 जुलाई (हि.स.)। शिमला पुलिस ने चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के दो अलग-अलग मामलों की जांच के दौरान अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का खुलासा करते हुए राजस्थान और पंजाब से दो सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट और बैंक खातों की जांच के आधार पर सप्लाई चेन तक पहुंच बनाई गई। जांच में सामने आया कि नेटवर्क हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और चंडीगढ़ तक फैला हुआ था।

पहला मामला 15 मार्च का है। रोहड़ू पुलिस ने गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर एक व्यक्ति की तलाशी ली थी। उसके कब्जे से नौ ग्राम चिट्टा बरामद होने पर थाना रोहड़ू में मामला दर्ज कर रोहड़ू निवासी 29 वर्षीय सार्थक सूद को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों और यूपीआई लेन-देन की जांच की। जांच के आधार पर उत्तर प्रदेश से अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और वित्तीय जांच में सामने आया कि वह चूरू (राजस्थान) निवासी वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया के साथ मिलकर चिट्टा तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। इसके बाद पुलिस ने 15 जुलाई को वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार जांच में पता चला कि 15 मार्च को बरामद नौ ग्राम चिट्टा की आपूर्ति के बदले वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया के बैंक खाते में 18 हजार रुपये जमा हुए थे। इसके अलावा सह-आरोपी अमित गुप्ता ने उसके खाते में करीब साढ़े तीन लाख रुपये भेजे थे। पुलिस की वित्तीय जांच में यह भी सामने आया कि पिछले छह महीनों में वासु के बैंक खाते में 14 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा हुई, जबकि उसके पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं मिला। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य लोगों, वित्तीय लेन-देन और कथित अवैध संपत्तियों की भी जांच कर रही है। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

दूसरा मामला तीन जुलाई का है। कोटखाई पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर हुल्ली क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक वाहन से करीब 64 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। इस मामले में रक्षित चौहान, राहुल शर्मा और लवली शर्मा को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण में सामने आया कि बरामद चिट्टा राहुल शर्मा ने मोहाली निवासी अमित महेव से खरीदा था।

पुलिस के अनुसार अमित महेव गिरफ्तारी से बचने के लिए मोबाइल फोन बंद कर लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। तकनीकी निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने उसका ठिकाना पता लगाया और 18 जुलाई को मोहाली से गिरफ्तार कर लिया।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज की जांच के आधार पर 58 मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 48 प्रमुख अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का खुलासा कर उन्हें ध्वस्त किया गया है। उनका कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन की जांच आगे भी जारी रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा