home page

शिमला पुलिस ने चिट्टा सप्लायर को चंडीगढ़ से पकड़ा, इस साल 26 गिरोह ध्वस्त

 | 
शिमला पुलिस ने चिट्टा सप्लायर को चंडीगढ़ से पकड़ा, इस साल 26 गिरोह ध्वस्त


शिमला, 13 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच जिला पुलिस शिमला ने एक और बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकिज और सप्लाई चेन की जांच करते हुए उत्तर प्रदेश के रहने वाले सप्लायर शिव शंकर को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी चिट्टा सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और ठियोग में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान उसका नाम सामने आया।

पुलिस के मुताबिक थाना ठियोग में 12 अप्रैल 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में कुलदीप वर्मा उर्फ आशु निवासी नलेहा, तहसील ठियोग के कब्जे से 8.34 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। पूछताछ के साथ बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान सप्लाई चेन से जुड़े कई अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर शिव शंकर की पहचान सप्लायर के रूप में हुई।

जिला पुलिस शिमला के अनुसार पुलिस थाना ठियोग की टीम ने 13 मई 2026 को कार्रवाई करते हुए शिव शंकर पुत्र कर्ण पाल सिंह निवासी तहसील बिलारी, जिला मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

इसी अभियान के तहत शिमला पुलिस ने एक अन्य बड़े मामले में पंजाब तक फैले चिट्टा नेटवर्क का खुलासा भी किया है। पुलिस थाना बालूगंज में 20 मार्च 2026 को दर्ज एक मामले में हरियाणा के पांच आरोपियों के कब्जे से 93.970 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में सोनीपत और झज्जर के रहने वाले लोग शामिल थे। पुलिस पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में पता चला कि यह खेप पंजाब के फरीदकोट निवासी गुरमीत उर्फ बिल्ला से ली गई थी, जो वर्चुअल नंबर के जरिए आरोपियों के संपर्क में था। इसके बाद पुलिस टीम ने गुरमीत को पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार किया।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि अब जांच केवल छोटे स्तर के पेडलरों तक सीमित नहीं रखी जा रही, बल्कि नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क और उसके मुख्य सप्लायरों तक पहुंच बनाई जा रही है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकिज के आधार पर 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पिछले वर्षों की तुलना में यह संख्या काफी अधिक है। वर्ष 2024 में ऐसे 7 और वर्ष 2025 में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में अब तक 26 नशा तस्करी नेटवर्कों को ध्वस्त किया गया है। ये नेटवर्क पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और केरल सहित कई राज्यों में सक्रिय थे। उनका कहना है कि लगातार कार्रवाई से नशे की सप्लाई चेन कमजोर हो रही है और आने वाले समय में भी अभियान जारी रहेगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा