नशे की कमाई पर शिमला पुलिस का शिकंजा, 40 लाख की संपत्ति जब्त
शिमला, 01 अक्टूबर (हि.स.)। शिमला पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए तस्करी से कमाए गए धन और उससे खरीदी गई संपत्तियों पर भी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने तीन एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच के आधार पर 40 लाख रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां जब्त की हैं। पुलिस के अनुसार जांच में बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जानकारी जुटाकर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नशे के कारोबार से कमाई गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।
पुलिस के अनुसार बालूगंज थाने में दर्ज एफआईआर में करीब 23 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। इस मामले में 23 फरवरी 2026 को शिमला के आईएसबीटी के पास अविनाश चौहान के कब्जे से करीब सात ग्राम हेरोइन यानी चिट्टा बरामद किया गया था। उसे गिरफ्तार करने के बाद जांच आगे बढ़ी और साक्ष्यों के आधार पर विशाल यादव, जय प्रकाश यादव और रवि अहिरवार को भी गिरफ्तार किया गया। वित्तीय जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विशाल यादव और उसके सहआरोपी भाई जय प्रकाश यादव के पास ऐसी संपत्तियां हैं, जिन्हें पुलिस ने हेरोइन और चिट्टे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदा हुआ पाया।
जांच में सामने आया कि अप्रैल 2026 में विशाल यादव ने अपने भाई जय प्रकाश यादव के नाम पर महिंद्रा एंड महिंद्रा की स्कॉर्पियो-एन खरीदी थी। इसकी अनुमानित कीमत 22 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा विशाल यादव के बैंक खाते में 1 जनवरी 2025 से 26 अगस्त 2026 के बीच करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन पाया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी की कोई वैध आय का स्रोत सामने नहीं आया। वित्तीय जांच के आधार पर वाहन और बैंक खाते में उपलब्ध शेष राशि को मिलाकर करीब 23 लाख रुपये की संपत्ति एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त की गई है।
रामपुर थाने में दर्ज एफआईआर में पुलिस ने करीब 9.5 लाख रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। यह मामला 13 मई 2025 का है। उस दिन रामपुर के कुडीधार क्षेत्र में पुलिस की डिटेक्टिव टीम को एक किराये के कमरे में कुछ लोगों द्वारा चिट्टा और हेरोइन की खरीद-फरोख्त किए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर तलाशी ली और 31 ग्राम चिट्टा या हेरोइन तथा 50,400 रुपये नकद बरामद किए। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
मामले की आगे की जांच में आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जानकारी का विश्लेषण किया गया। पुलिस के अनुसार करीब 9.5 लाख रुपये मूल्य की ऐसी संपत्तियों का पता चला, जिनके लिए कोई वैध आय का स्रोत सामने नहीं आया और जो प्रथम दृष्टया नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी पाई गईं। इनमें एक कार, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी शामिल हैं। इन संपत्तियों को नियमानुसार जब्त किया गया है।
इसी तरह रामपुर थाने में दर्ज एफआईआर में करीब आठ लाख रुपये की धनराशि जब्त की गई है। यह मामला 25 जून 2025 का है। उस दिन पुलिस ने रामपुर के नोगली बाजार में बजीर बावड़ी रैन शेल्टर के पास कार्रवाई करते हुए मनसा राम उर्फ मनीष को करीब 2.5 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था। वित्तीय जांच के दौरान उसके बैंक और डाकघर खातों के साथ अन्य वित्तीय लेन-देन की भी जांच की गई। पुलिस के अनुसार करीब आठ लाख रुपये की धनराशि प्रथम दृष्टया नशे की तस्करी से जुड़ी पाई गई, जिसे नियमानुसार जब्त किया गया है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने वीरवार को बताया कि वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच के आधार पर कुल 12.5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2024 और 2025 में एनडीपीएस मामलों में इस तरह की वित्तीय जांच नहीं की गई थी और इन दोनों वर्षों में इस श्रेणी की कोई अवैध संपत्ति जब्त नहीं की गई थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

