चिट्टा तस्कर की छह लग्जरी कारों समेत 2.09 करोड़ की संपत्ति जब्त
शिमला, 11 अगस्त (हि.स.)। शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अब तस्करों तक पहुंचने के साथ उनकी अवैध कमाई पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने पंजाब के बठिंडा से जुड़े एक नशा तस्करी नेटवर्क के मामले में करीब 2.09 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति और परिसंपत्तियां जब्त की हैं। इनमें चिट्टा तस्कर दीपक उर्फ करणी बरार की छह लग्जरी कारें, दो व्यावसायिक संपत्तियां, एक मकान और बैंक में जमा रकम शामिल है। पुलिस के अनुसार यह वर्ष 2026 में जिला शिमला पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई है।
मामले की शुरुआत 20 जून को हुई थी। शिमला पुलिस के स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि कनलोग स्थित एक होम-स्टे में नशे की खेप पहुंची है। पुलिस ने वहां छापा मारकर बठिंडा निवासी गोपाल कुमार को करीब 16 ग्राम चिट्टे यानी हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने इस खेप से जुड़े सप्लायर और पैडलर तक पहुंचने की कोशिश की।
जांच के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क की अगली कड़ी बठिंडा निवासी गुरुवचन उर्फ गुरु के रूप में मिली। उसे मोहाली से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार उसकी तलाशी में करीब 162 ग्राम चिट्टा यानी हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक, तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसमें बठिंडा निवासी दीपक कुमार उर्फ करणी बराड़ का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे इस नशा नेटवर्क का प्रमुख संचालक बताया है।
शिमला पुलिस ने इसके बाद बठिंडा में संयुक्त अभियान चलाकर दीपक कुमार उर्फ करणी बराड़ को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 12 जून 2023 को थाना कैनाल कॉलोनी, बठिंडा में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21-बी, 61 और 85 के तहत दर्ज मामला शामिल है। इस मामले में करीब 100 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद होने का उल्लेख है। इसके अलावा थाना थर्मल, बठिंडा में 15 फरवरी 2018 को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 354-डी के तहत मामला दर्ज हुआ था। वहीं 21 जनवरी 2022 को थाना सिविल लाइंस, बठिंडा में भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस की वित्तीय जांच में सामने आया कि दीपक कुमार उर्फ करणी बराड़ के बैंक खाते में केवल पिछले छह महीनों के दौरान ही 50 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ था। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत नशे की तस्करी से जुड़े पैसों और संपत्तियों की जांच शुरू की। जांच में पुलिस ने आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी करीब 2.09 करोड़ रुपये की ऐसी संपत्तियों और परिसंपत्तियों की पहचान की, जिन्हें नशे की अवैध कमाई से अर्जित किया गया माना गया है।
पुलिस के अनुसार जब्त या फ्रीज की गई संपत्तियों में छह वाहन शामिल हैं। इनमें टोयोटा फॉर्च्यूनर, फोर्ड एंडेवर, टाटा सफारी, हुंडई वरना, मारुति सुजुकी स्विफ्ट और फॉक्सवैगन जेट्टा शामिल हैं। इसके अलावा एस-4 स्पोर्ट्स क्लब और एस-4 कार वॉश सेंटर नाम की दो व्यावसायिक संपत्तियां, एक आवासीय मकान और बैंक में जमा रकम भी कार्रवाई के दायरे में आई है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक नशा तस्करों और सप्लायरों से जुड़ी करीब 6.38 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है। वर्ष 2024 और 2025 में इस तरह की कार्रवाई का आंकड़ा शून्य था। उनका कहना है कि इन वर्षों में नशा तस्करी के मामलों में वित्तीय जांच को इस स्तर पर लागू नहीं किया गया था।
पुलिस के अनुसार मौजूदा कार्रवाई न केवल जिला शिमला पुलिस की इस वर्ष की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई है, हिमाचल प्रदेश के किसी भी जिला पुलिस बल की ओर से वर्ष 2026 में नशा तस्करों की अवैध संपत्ति के खिलाफ की गई सबसे बड़ी कार्रवाई भी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

