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शिमला पुलिस का नशे पर बड़ा प्रहार, 2026 में 25 तस्करी नेटवर्क ध्वस्त, बैकवर्ड लिंकिज से 33 गिरफ्तार

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शिमला पुलिस का नशे पर बड़ा प्रहार, 2026 में 25 तस्करी नेटवर्क ध्वस्त, बैकवर्ड लिंकिज से 33 गिरफ्तार


शिमला, 10 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच शिमला पुलिस ने इस साल बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 25 नशा तस्करी नेटवर्कों को ध्वस्त किया गया है, जबकि बैकवर्ड लिंकिज यानी सप्लाई चेन की गहराई तक जाकर जांच करने पर 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल छोटे स्तर के पेडलरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मुख्य सप्लायरों और अंतरराज्यीय नेटवर्क संचालकों तक पहुंच बनाई गई है।

पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 में बैकवर्ड लिंकिज के आधार पर केवल 4 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी, जबकि 2025 में यह संख्या 7 थी। वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 33 पहुंच गया है। इसी तरह वर्ष 2024 में केवल एक और 2025 में चार नेटवर्कों पर कार्रवाई हुई थी, जबकि 2026 में अब तक 25 नेटवर्क तोड़े जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और केरल समेत कई राज्यों में सक्रिय सप्लाई चेन को निशाना बनाया गया है।

इसी अभियान के तहत रोहड़ू थाना में 26 मार्च 2026 को एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में कनेवरा निवासी पिंकू राम और टिक्कर रोहड़ू निवासी सुनील पुहारता को 53 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ, बैंक खातों, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी पिंकू राम लंबे समय से उत्तर प्रदेश से चिट्टा मंगवा रहा था।

जांच के दौरान पुलिस उत्तर प्रदेश के बिजनौर पहुंची और 12 अप्रैल को सलमान हैदर को गिरफ्तार किया। इसके बाद सप्लाई चेन की आगे जांच की गई तो पता चला कि सलमान हैदर पंजाब के गुरदासपुर निवासी थोमस मसीह के जरिए चिट्टे की सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने तकनीकी जांच, कॉल डिटेल और आर्थिक लेन-देन के आधार पर कार्रवाई करते हुए 9 मई को गुरदासपुर से 29 वर्षीय थोमस मसीह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि यह आरोपी इस खेप का मुख्य सप्लायर था और मामले में आगे की जांच जारी है।

इसी तरह कोटखाई थाना में 29 मार्च 2026 को दर्ज एक अन्य मामले में पुलिस ने मोहाली निवासी रमणजीत सिंह और कोटखाई निवासी रुबल चौहान को गिरफ्तार किया था। उनके पास से एक पिस्टल, दो गैस सिलेंडर पिस्टल, एक चाकू, करीब 6 ग्राम मेथ क्रिस्टल आइस और 2 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी।

पूछताछ में आरोपी रमणजीत सिंह ने खुलासा किया कि वह चंडीगढ़ से गोलू नामक व्यक्ति से नशा खरीदता था। इसके बाद पुलिस ने कॉल डेटा और तकनीकी जांच के जरिए सप्लाई चेन को ट्रेस किया और 10 मई को चंडीगढ़ के दड़ूमाजरा इलाके से 29 वर्षीय गोलू को गिरफ्तार कर लिया।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि अब एनडीपीएस मामलों की जांच पहले के मुकाबले ज्यादा गहराई से की जा रही है। उनके अनुसार केवल बरामदगी तक सीमित रहने के बजाय अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नशा कहां से आ रहा है, कौन इसकी सप्लाई कर रहा है और नेटवर्क किन राज्यों तक फैला हुआ है।

पुलिस का दावा है कि इस तरह की कार्रवाई से नशे की सप्लाई प्रणाली कमजोर हो रही है और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी। एसएसपी ने कहा है कि नशा तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा