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शिमला में इस साल नशा तस्करी में 549 गिरफ्तार, 12.61 करोड़ की संपत्तियां जब्त

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शिमला में इस साल नशा तस्करी में 549 गिरफ्तार, 12.61 करोड़ की संपत्तियां जब्त


शिमला, 11 अक्टूबर (हि.स.)। शिमला पुलिस ने इस वर्ष 9 अक्टूबर तक नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत 271 मामले दर्ज कर 549 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस दौरान 80 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए गए और 61 ड्रग सप्लाई नेटवर्क ध्वस्त किए गए। नशा तस्करी से अर्जित 12.61 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त या फ्रीज की गई हैं। वहीं, आदतन तस्करी में शामिल 40 लोगों को पीआईटीएनडीपीएस एक्ट के तहत निरुद्ध किया गया। पुलिस ने 5.04 किलोग्राम चिट्टा और अन्य मादक पदार्थ बरामद करने के साथ रोहड़ू में सरकारी भूमि पर बने एक अवैध ढाबे को भी हटवाया है।

शिमला पुलिस के आंकड़ों के अनुसार दर्ज 271 मामलों में 22 वाणिज्यिक मात्रा और 177 मध्यवर्ती मात्रा के हैं। शेष 72 मामलों की मात्रा श्रेणी का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।

सप्लायरों और नेटवर्क पर कार्रवाई बढ़ी

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि नशे की सप्लाई के स्रोत तक पहुंचने के लिए पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर जांच की। इसके तहत गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके पीछे सक्रिय सप्लायरों का पता लगाया गया। वर्ष 2026 में अब तक 80 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए गए हैं। वर्ष 2025 में आठ और 2024 में 14 बैकवर्ड लिंकेज दर्ज किए गए थे। इसी तरह, इस वर्ष 61 सप्लाई नेटवर्क ध्वस्त किए गए, जबकि 2025 में चार और 2024 में तीन नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई हुई थी।

5.04 किलोग्राम चिट्टा बरामद

उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस वर्ष अब तक 5.04 किलोग्राम हेरोइन यानी चिट्टा बरामद किया है। वर्ष 2025 में करीब 1.5 किलोग्राम और 2024 में लगभग दो किलोग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। अन्य बरामदगी में 58.5 ग्राम मेथ क्रिस्टल, वाणिज्यिक मात्रा में एलएसडी, 15.5 किलोग्राम चरस, 14 किलोग्राम अफीम और पांच किलोग्राम पॉपी स्ट्रॉ शामिल हैं। पुलिस ने करीब 10 लाख भांग के पौधे और छह हजार अफीम या पोस्ता के पौधे बरामद करने की जानकारी भी दी है।

आदतन तस्करों पर शिकंजा, अवैध ढाबा हटाया

एससपी गौरव सिंह ने बताया कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की जांच के लिए 12 मामलों में वित्तीय जांच की गई। एससपी के अनुसार वर्ष 2024 और 2025 में इस तरह की कार्रवाई नहीं हुई थी। पीआईटीएनडीपीएस एक्ट के तहत 2025 में तीन लोग निरुद्ध किए गए थे, जबकि 2024 में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

रोहड़ू थाने में दर्ज एफआईआर के तहत 108 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार अर्जुन पाल की जांच में पता चला कि उसने पटसारी में लोक निर्माण विभाग की सरकारी भूमि पर अस्थायी ढाबा बनाया था। संबंधित विभाग ने पुलिस की सहायता से अवैध निर्माण हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया। पुलिस के अनुसार, जिले में नशा तस्करी से जुड़े आरोपी के अवैध निर्माण पर इस तरह की कार्रवाई पहली बार हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा