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शिमला में चिट्टा तस्करी के दो मामलों में चंडीगढ़ से तीन सप्लायर गिरफ्तार

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शिमला में चिट्टा तस्करी के दो मामलों में चंडीगढ़ से तीन सप्लायर गिरफ्तार


शिमला, 05 नवंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी के मामलों में अब पुलिस की जांच नशा बेचने वालों तक सीमित नहीं रह रही है। पुलिस नशे की खेप लेकर आने वाले आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उन लोगों तक पहुंच रही है, जो दूसरे राज्यों से चिट्टे की आपूर्ति कर रहे हैं। शिमला पुलिस ने ऐसे ही दो मामलों की जांच आगे बढ़ाते हुए चंडीगढ़ से तीन मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों से चंडीगढ़ से शिमला तक चल रहे चिट्टा सप्लाई नेटवर्क की जानकारी सामने आई है।

पहले मामले में 11 अक्टूबर को पुलिस ने शोघी चौकी के नजदीक नाकाबंदी के दौरान एक बस की तलाशी ली थी। इस दौरान बस में सवार भुवनेश चौहान (21), निवासी शोघी और गुलशन ठाकुर (21), निवासी बानकुफर, कोटखाई के कब्जे से करीब 22 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जांच शुरू की। पूछताछ के साथ पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज और वित्तीय लेन-देन की जांच की। इसमें पता चला कि दोनों आरोपी चंडीगढ़ से साजन और विकास नाम के व्यक्तियों से चिट्टा खरीदकर लाते थे।

जांच में विकास उर्फ आकाश (25) निवासी जिला फिरोजपुर, पंजाब को चिट्टे का मुख्य सप्लायर पाया गया। पुलिस के अनुसार वह नशे की खरीद-फरोख्त से मिलने वाली रकम के लेन-देन के लिए साजन के बैंक खाते का इस्तेमाल करता था। वहीं, साजन उर्फ सैम (24), निवासी जिला फिरोजपुर, पंजाब मुख्य सप्लायर और आगे चिट्टा पहुंचाने वाले लोगों के बीच मध्यस्थ का काम करता था। इन जानकारियों के आधार पर पुलिस थाना बालूगंज की विशेष टीम चंडीगढ़ भेजी गई। टीम ने 27 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में चिट्टा बरामदगी के बाद गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों सहित सभी चार आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

दूसरे मामले में पुलिस ने 27 सितंबर को शोघी चौकी के पास एक बस की जांच के दौरान कुल्लू निवासी क्षितिज वर्मा (26) को करीब छह ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नशे की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाया। जांच में सामने आया कि क्षितिज चंडीगढ़ के मनीमाजरा निवासी रोहित से चिट्टा खरीदकर लाया था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस थाना बालूगंज की टीम ने 4 अक्टूबर को मनीमाजरा में दबिश देकर रोहित पुत्र रामकृष्ण को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार रोहित इस मामले में मुख्य सप्लायर था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

शिमला पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 93 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस दौरान 68 अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क भी ध्वस्त किए गए हैं। इसके मुकाबले वर्ष 2025 में आठ मुख्य सप्लायर गिरफ्तार हुए थे और चार नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे। वर्ष 2024 में 15 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए गए और चार नेटवर्क पर कार्रवाई हुई थी।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह का कहना है कि अब जांच में नशे की खेप के साथ पकड़े गए आरोपियों से आगे बढ़कर उनके सप्लाई स्रोत, पैसों के लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर ध्यान दिया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा