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शिमला में 257 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा तस्कर, बड़े सप्लायरों पर पुलिस की नजर

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शिमला में 257 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा तस्कर, बड़े सप्लायरों पर पुलिस की नजर


शिमला, 27 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने अब बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत शिमला पुलिस ने बालूगंज थाना अंतर्गत शोघी के पास एक टैक्सी की तलाशी के दौरान 257 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया है। पुलिस ने पंजाब के अमृतसर निवासी 34 वर्षीय आरोपी रेशम सिंह को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ शिमला में सप्लाई करने के प्रयास में था।

बड़ी खेप के साथ पकड़ा गया आरोपी

शिमला पुलिस के स्पेशल सेल की टीम काफी समय से एक संदिग्ध सप्लायर पर नजर रख रही थी। पुलिस को उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल रही थी और उसे पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे थे। इसी दौरान शोघी के नजदीक पुलिस ने एक टैक्सी को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान आरोपी रेशम सिंह के कब्जे से करीब 257 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।

पुलिस के अनुसार बरामद नशीले पदार्थ की मात्रा वाणिज्यिक श्रेणी में आती है। यह इस वर्ष शिमला पुलिस की प्रमुख बरामदगियों में से एक है। मामले में पुलिस थाना बालूगंज में मंगलवार को अभियोग दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थ की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क का पता लगाना है।

इस साल 30 करोड़ रुपये से अधिक का चिट्टा और हेरोइन बरामद

शिमला पुलिस के अनुसार इस साल अब तक करीब 5.5 किलोग्राम हेरोइन और चिट्टा बरामद किया गया है। इसकी अनुमानित कीमत 30 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इसमें करीब 1.120 किलोग्राम हेरोइन की एक बड़ी बरामदगी भी शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग छह करोड़ रुपये थी।

पुलिस ने इस अवधि में करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की वाणिज्यिक मात्रा में एलएसडी भी बरामद की है। इसके अलावा 16.5 किलोग्राम चरस, 14 किलोग्राम अफीम और छह किलोग्राम पॉपी हस्क बरामद किया गया है।

नशीले पदार्थों की बरामदगी के साथ पुलिस ने अवैध खेती के खिलाफ भी कार्रवाई की है। इस वर्ष भांग और अफीम की अवैध खेती में लगे 10 लाख से अधिक पौधों को नष्ट किया गया है।

सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई की रणनीति

एससपी शिमला गौरव सिंह के अनुसार नशे के खिलाफ अभियान में अब बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले लोगों और उनके नेटवर्क की पहचान पर ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस ऐसे संदिग्धों की गतिविधियों पर निगरानी रख रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा