home page

शिमला में छह करोड़ रुपये के चिट्टे की डिलीवरी देने आया हरियाणा का 22 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार

 | 
शिमला में छह करोड़ रुपये के चिट्टे की डिलीवरी देने आया हरियाणा का 22 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार


शिमला, 04 अगस्त (हि.स.)। शिमला में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच पुलिस ने इस वर्ष की अब तक की सबसे बड़ी हेरोइन बरामदगी का दावा किया है। पुलिस ने हरियाणा के 22 वर्षीय युवक को 1.120 किलोग्राम हाई ग्रेड हेरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब छह करोड़ रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विजय कुमार पुत्र दर्शन सिंह, निवासी नारायणगढ़, जिला अंबाला (हरियाणा) के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार आरोपी शिमला में चिट्टे की खेप की डिलीवरी देने आया था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह डिलीवरी लेने वाले लोगों के संपर्क में व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के माध्यम से था, जिससे उसकी पहचान और आवाजाही का पता आसानी से न चल सके। पुलिस ने गुप्त सूचना मिलने के बाद शोघी के पास घेराबंदी कर उसे डिलीवरी होने से पहले ही पकड़ लिया।

शोघी के पास कार्रवाई, तारा देवी क्षेत्र में पहुंचनी थी खेप

पुलिस के अनुसार स्पेशल सेल ने तीन अगस्त को गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। जांच में पता चला है कि आरोपी हरियाणा से हेरोइन की बड़ी खेप लेकर तारा देवी क्षेत्र में अपने संपर्कों तक पहुंचने वाला था। इसी दौरान पुलिस ने सुनियोजित तरीके से नाकाबंदी कर उसे पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से 1 किलोग्राम 120 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच जारी है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं, खेप कहां से लाई गई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

जिला शिमला के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि यह वर्ष 2026 में प्रदेश की सबसे बड़ी हेरोइन बरामदगी है और जांच का फोकस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंचने पर है।

रणनीति बदली, अब बड़े सप्लायर और पूरे नेटवर्क पर फोकस

जिला शिमला पुलिस का कहना है कि वर्ष 2026 में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान की रणनीति बदली गई है। पहले अधिक संख्या में मामले दर्ज करने पर जोर रहता था, जबकि अब बड़ी बरामदगी, मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी, बैकवर्ड लिंकेज, तकनीकी और वित्तीय जांच के जरिए पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आदतन नशा तस्करों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का दावा है कि इसी बदली हुई रणनीति के कारण इस वर्ष लगातार बड़े मामलों का खुलासा हुआ है और अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े कई नेटवर्क तक पहुंच बनाई गई है।

इस साल चार किलो से अधिक हेरोइन जब्त, कई बड़े नेटवर्क भी पकड़े गए

पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक जिला शिमला में चार किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की जा चुकी है, जो पिछले दो वर्षों की कुल बरामदगी से लगभग चार गुना अधिक है। मार्च में एक करोड़ रुपये मूल्य की 562 एलएसडी स्टैम्प बरामद कर केरल तक जुड़े नेटवर्क का खुलासा किया गया था। उसी महीने आईएसबीटी शिमला में 288 ग्राम हेरोइन भी पकड़ी गई। अप्रैल में करीब 11.5 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये नकद बरामद कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया तथा जांच के दौरान नशे से अर्जित 53 लाख रुपये की अवैध संपत्ति भी जब्त की गई। मई में पंजाब से 309 ग्राम हेरोइन बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जून में फिरोजपुर के मुख्य सप्लायर तक पहुंचकर 131 ग्राम हेरोइन, 27 ग्राम मेथामफेटामाइन और 60,400 रुपये नकद बरामद किए गए। जुलाई में शोघी बैरियर पर तीन लोगों से 242 ग्राम हेरोइन पकड़ी गई। पुलिस के अनुसार इस वर्ष 14 किलोग्राम अफीम, 15 किलोग्राम चरस, पांच किलोग्राम से अधिक पोस्त, 11.6 ग्राम एलएसडी, लगभग 60 ग्राम मेथामफेटामाइन और 10 लाख से अधिक अवैध भांग के पौधे भी बरामद या नष्ट किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि 1.120 किलोग्राम हेरोइन की ताजा बरामदगी इस पूरे अभियान की अब तक की सबसे बड़ी सफलता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा