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चिट्टा तस्करी के मुख्य सप्लायर की जमानत याचिका खारिज

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शिमला, 07 अक्टूबर (हि.स.)। शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी के एक मामले में मुख्य सप्लायर के रूप में चिन्हित आरोपी की जमानत याचिका खारिज करवाने में सफलता हासिल की है। पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज मामले में करीब छह ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने नशे की सप्लाई के स्रोत तक पहुंचते हुए अमृतसर, पंजाब निवासी करण को मुख्य सप्लायर के रूप में चिन्हित किया और उसे एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने आरोपी की भूमिका और जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर अदालत में जमानत का विरोध किया। इसके बाद विशेष न्यायाधीश सीबीआई कोर्ट शिमला ने 6 अक्टूबर को आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।

पुलिस के अनुसार मामले की शुरुआती जांच में करीब छह ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद हुआ था।

जांच के दौरान पुलिस ने नशे की सप्लाई से जुड़े पीछे के संपर्कों की जानकारी जुटाई। इस प्रक्रिया में करण को मामले में मुख्य सप्लायर के रूप में चिन्हित किया गया। इसके बाद उसे एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया गया।

आरोपी ने जमानत के लिए अदालत का रुख किया था। पुलिस ने अदालत के समक्ष आरोपी की कथित भूमिका, मुख्य सप्लायर के रूप में उसकी पहचान और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य रखे।

पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए मामले में आरोपी की भूमिका से जुड़े तथ्यों को अदालत के सामने रखा।

विशेष न्यायाधीश सीबीआई कोर्ट शिमला ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बुधवार को बताया कि नशा तस्करी के मामलों में कार्रवाई केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रखी जा रही है।

जांच के दौरान नशे की सप्लाई से जुड़े स्रोतों और मुख्य सप्लायरों की पहचान पर भी काम किया जा रहा है। इसके साथ ही ऐसे मामलों में अदालत के समक्ष प्रभावी तरीके से पक्ष रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा