चिट्टा तस्करी के दो मामलों में तीन आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज
शिमला, 06 अक्टूबर (हि.स.)। शिमला में चिट्टा तस्करी से जुड़े दो मामलों में गिरफ्तार तीन आरोपियों की जमानत याचिकाएं अदालत ने खारिज कर दी हैं। विशेष न्यायाधीश सीबीआई कोर्ट शिमला ने पांच अक्टूबर को दोनों मामलों में आरोपियों की ओर से दायर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की और उन्हें खारिज कर दिया।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने मंगलवार को ये जानकारी दी।
पहला मामला पुलिस थाना बालूगंज में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत दर्ज है। इस मामले में मंडी जिला के धर्मपुर निवासी गोपाल सिंह कटवाल के कब्जे से करीब 30 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्य और दस्तावेज जुटाए और उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया। आरोपी की ओर से जमानत याचिका दायर की गई थी। पुलिस ने इसका विरोध किया। अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
दूसरा मामला पुलिस थाना ढली में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 और 29 के तहत दर्ज है। पुलिस के अनुसार इस मामले में शिमला के ठियोग निवासी दीपक वर्मा के कब्जे से करीब आठ ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
एसएसपी गौरव सिंह ने बताग के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने चिट्टे की सप्लाई से जुड़े स्रोत की जानकारी जुटाई। जांच में राजनीश डाडा पुत्र मनमोहन डाडा निवासी मोहाली का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे मुख्य सप्लायर के रूप में चिन्हित कर गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि दीपक वर्मा और राजनीश डाडा की ओर से अदालत में जमानत याचिकाएं दायर की गई थीं। पुलिस ने दोनों याचिकाओं का विरोध किया और आरोपियों की भूमिका तथा जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों को अदालत के समक्ष रखा। अभियोजन पक्ष की ओर से भी मामले में पैरवी की गई। विशेष न्यायाधीश सीबीआई कोर्ट शिमला ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
एसएसपी गौरव सिंह के अनुसार नशे के अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में जांच आगे जारी है। पुलिस का कहना है कि चिट्टा तस्करी के मामलों में सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाकर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

