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शिमला स्कूल संचालिका हत्याकांड: हमलावरों की तलाश में विशेष टीमें गठित, सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के सहारे जांच तेज

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शिमला स्कूल संचालिका हत्याकांड: हमलावरों की तलाश में विशेष टीमें गठित, सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के सहारे जांच तेज


शिमला, 14 जून (हि.स.)। राजधानी शिमला के भट्टाकुफर स्थित निजी स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल (41) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस अब हमलावरों तक पहुंचने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। वारदात के 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हमलावरों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। ऐसे में पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीमें गठित कर दी हैं तथा आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण शुरू कर दिया है।

शनिवार शाम हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद संजौली थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान 41 वर्षीय मनीषा मित्तल पत्नी डॉ. सुभाष यादव, निवासी विला नंबर-150, गोल्डन हाइट्स सोसाइटी, एनएच-8, रेवाड़ी (हरियाणा) के रूप में हुई है। मनीषा मित्तल भट्टाकुफर स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल का संचालन कर रही थीं और अपनी 17 वर्षीय बेटी के साथ स्कूल परिसर में ही रहती थीं।

पुलिस के अनुसार घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दो अज्ञात हमलावरों ने स्कूल परिसर के बाहर मनीषा मित्तल पर गोलियां चलाईं और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमलावर पहले से रेकी कर रहे थे या हत्या किसी सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई।

शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव सिंह ने बताया कि मामले में हत्या का अभियोग दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की विशेष टीमें आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए काम कर रही हैं। आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है और जल्द ही मामले के तथ्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

उधर, वारदात के बाद स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि शांत माने जाने वाले शिमला में इस तरह की सरेआम हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही मृतका की 17 वर्षीय बेटी की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

पुलिस के अनुसार जांच के दौरान मृतका से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। परिवार से जुड़े विवादों और अन्य संभावित कारणों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। बताया जा रहा है कि मनीषा मित्तल का अपने भाई के साथ संपत्ति और स्कूल प्रबंधन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था तथा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी संभावित कारण की पुष्टि नहीं की है और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा