home page

शिमला : हत्या के बाद नेपाल भागने की थी तैयारी, शिमला बस अड्डे पर दबोचे गए दोनों आरोपी

 | 
शिमला : हत्या के बाद नेपाल भागने की थी तैयारी, शिमला बस अड्डे पर दबोचे गए दोनों आरोपी


शिमला, 21 अक्टूबर (हि.स.)। शिमला के ऊपरी क्षेत्र जुब्बल में नेपाली मजदूर की हत्या के बाद बदमाशों ने पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन बंद किए, रास्ते में पिकअप वाहन से लिफ्ट ली और रात जंगल में बिताई। इसके बाद दोनों आरोपी नेपाल भागने के इरादे से शिमला शहर पहुंचे, लेकिन पुलिस की जांच और तलाश के बीच आईएसबीटी में ही पकड़े गए। शिमला पुलिस ने 33 वर्षीय धीरेन्द्र थापा की हत्या के मामले में नेपाल के रहने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी भी नेपाल के निवासी हैं।

इनकी पहचान 27 वर्षीय सूर्य दमाई उर्फ अनिश पुत्र गोपाल दमाई निवासी जिला गुल्मी नेपाल और 27 वर्षीय सुमन खड़का पुत्र दुर्गा बहादुर खड़का निवासी जिला सल्यान नेपाल के रूप में हुई है।

पुलिस की जांच के अनुसार वारदात से पहले मृतक और दोनों आरोपी एक साथ शराब पी रहे थे। इस दौरान उनके बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद शव को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे छोड़कर घटना को सड़क हादसे जैसा दिखाने की कोशिश की गई।

सड़क पर मिला शव, नीचे जाते कच्चे रास्ते पर खून के निशान

मामला 18 अक्टूबर की रात का है। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता साहिल अपने साथियों के साथ हटकोटी से मंडोल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-705 पर दोची के समीप एक व्यक्ति खून से लथपथ हालत में सड़क पर पड़ा मिला। पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया।

घटनास्थल का निरीक्षण करने पर पुलिस को मुख्य सड़क से नीचे नाले की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर भी खून के निशान मिले। इन निशानों ने मामले को संदिग्ध बना दिया और पुलिस ने हत्या की आशंका के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इस संबंध में पुलिस थाना जुब्बल में 19 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया।

मृतक की पहचान 33 वर्षीय धीरेन्द्र थापा पुत्र भीम बहादुर निवासी नेपाल के रूप में हुई। वह शिमला जिले की जुब्बल तहसील के गांव बाउली में मजदूरी करते थे। उनका गांव बाउली, डाकघर दोची के अंतर्गत आता है।

सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग, शराब पीने के दौरान हुआ था झगड़ा

हत्या के मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों से जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान पुलिस को दो ऐसे व्यक्तियों के बारे में अहम जानकारी मिली, जिनका मृतक के साथ झगड़ा हुआ था।

पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया कि घटना से पहले धीरेन्द्र थापा और दोनों आरोपी एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान उनके बीच झगड़ा हुआ और इसके बाद धीरेन्द्र की मौत हो गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपियों ने शव को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे छोड़ दिया था। इससे पुलिस को आशंका हुई कि वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई।

सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की। इसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई। जांच में पता चला कि दोनों घटना के बाद क्षेत्र से निकलने की कोशिश कर रहे थे।

मोबाइल बंद किए, पिकअप से ली लिफ्ट और जंगल में बिताई रात

पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए। वे जुब्बल से निकलकर पहले खड़ापत्थर पहुंचे। वहां से एक पिकअप वाहन में लिफ्ट लेकर ठियोग के समीप पहुंचे। पुलिस की ओर से की गई नाकाबंदी के डर से उन्होंने रात जंगल में बिताई।

अगले दिन तड़के दोनों शिमला की ओर रवाना हुए। पुलिस के मुताबिक, उनका इरादा शिमला से नेपाल भागने का था। इस बीच पुलिस को उनकी गतिविधियों की जानकारी मिली और टीम ने आईएसबीटी शिमला में तलाश शुरू की। दोनों आरोपियों को बस अड्डे पर उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब वे नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे।

एससपी शिमला गौरव सिंह ने बुधवार को बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और आरोपियों की कथित भूमिका की पड़ताल कर रही है। उन्होंने कहा है कि गंभीर अपराधों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने और आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा