शिमला में एलएसडी ड्रग्स तस्करी में चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार, तस्करों से मिलीभगत का आरोप
शिमला, 19 मार्च (हि.स.)। राजधानी शिमला में एलएसडी (LSD) तस्करी के एक बड़े मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस मामले में विशेष जांच के बाद चार पुलिसकर्मियों को ही गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार ये चारों जवान नशा तस्करी को रोकने के बजाय आरोपियों के साथ मिलकर इसे बढ़ावा देने में शामिल पाए गए।
शिमला पुलिस ने बताया कि यह मामला 10 मार्च को सामने आया, जब न्यू शिमला थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंजाब के मोगा निवासी संदीप शर्मा और हिमाचल के सिरमौर की प्रिया शर्मा को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 562 स्ट्रिप्स (स्टैम्प साइज) एलएसडी, जिसका वजन 11.570 ग्राम बताया गया, बरामद की गई थी। इसकी कीमत करीब एक करोड़ आंकी गई थी।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने इस नेटवर्क के सप्लायर तक पहुंच बनाई। तफ्तीश में केरल के कालीकट निवासी नेविल हैरिसन का नाम सामने आया, जिसे 13 मार्च को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार किया गया।
मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब जांच में पता चला कि यह एलएसडी की खेप कुल्लू जिले में लाई गई थी। यहां पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के चार पुलिसकर्मियों राजेश कुमार, समीर, नितेश और अशोक कुमार ने इस तस्करी को रोकने की कोशिश तो की, लेकिन बाद में आरोप है कि वे खुद ही आरोपियों के साथ मिल गए और तस्करी को आगे बढ़ने दिया।
पुलिस के अनुसार यह कृत्य न केवल गंभीर अपराध है, अनुशासनहीनता, आपराधिक साजिश और नैतिक कदाचार का भी मामला है। शिमला पुलिस की सिफारिश पर विस्तृत जांच के बाद एडीजी सीआईडी ने 16 मार्च को इन चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
इसके बाद डिजिटल, भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी संलिप्तता पुख्ता होने पर आज गुरूवार को शिमला पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को अब अदालत में पेश किया जाएगा।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा है कि यह कार्रवाई राज्य सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत की गई है, जिसमें नशा तस्करी से जुड़े हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, चाहे वह पुलिस विभाग का ही सदस्य क्यों न हो।
इस बीच, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने लोगों, खासकर युवाओं से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाने में दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

