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नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के छात्र ने आत्महत्या का प्रयास किया, प्रताड़ना के लगाए आरोप

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शिमला, 30 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के एक छात्र द्वारा आत्महत्या की कोशिश करने का मामला प्रकाश में आया है। छात्र को आईजीएमसी शिमला में भर्ती करवाया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। आत्महत्या के प्रयास से पहले सामने आए एक वीडियो में छात्र ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुछ छात्रों पर कथित रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है।

वीडियो में छात्र ने आरोप लगाया कि उसके ही बैच के कुछ छात्रों ने उसके खिलाफ साजिश के तहत झूठी एफआईआर और एंटी-रैगिंग शिकायत दर्ज करवाई। छात्र ने दावा किया कि उसके पास अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। उसने विश्वविद्यालय के अधिकारियों पर अपनी बात नहीं सुनने का भी आरोप लगाया।

छात्र ने वीडियो में कहा कि पिछले करीब एक महीने से उसे थानों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। उसने धमकियों और करियर खराब होने की आशंका का भी जिक्र किया। छात्र के अनुसार इन घटनाओं के कारण वह मानसिक तनाव में था। पुलिस अब छात्र के आत्महत्या के प्रयास के कारणों और वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोशल मीडिया पर रैगिंग की कथित घटना से संबंधित सामग्री पर स्पष्टीकरण जारी किया है। विश्वविद्यालय के अनुसार उसे छात्र और अन्य लोगों पर रैगिंग किए जाने के आरोपों से संबंधित शिकायत मिली है। इस शिकायत पर सक्षम अधिकारी एंटी-रैगिंग नियमों और लागू कानून के तहत कार्रवाई कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने कहा है कि जांच पूरी होने से पहले आरोपों को स्थापित तथ्य मानना उचित नहीं है और मामले में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष या निर्णय नहीं लिया गया है।

विश्वविद्यालय के अनुसार शिकायतकर्ता ने अर्की पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। एंटी-रैगिंग नियमों के तहत विश्वविद्यालय ने मामले की जानकारी धामी पुलिस चौकी को भी दी है। पुलिस एफआईआर, एंटी-रैगिंग शिकायत, छात्र के वीडियो और आत्महत्या के प्रयास से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा