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एसीबी ने 30 हजार की रिश्वत लेते कथित दलाल को दबोचा, संयुक्त निदेशक फरार

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एसीबी ने 30 हजार की रिश्वत लेते कथित दलाल को दबोचा, संयुक्त निदेशक फरार


जयपुर, 10 जुलाई (हि.स.)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की बांसवाड़ा इकाई ने शुक्रवार को ट्रैप कार्रवाई करते हुए उदयपुर जोन के संयुक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. रतन बिलवाल के कथित दलाल अब्दुल कादिर को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। वहीं कार्रवाई की भनक लगते ही संयुक्त निदेशक डॉ. रतन बिलवाल कार्यालय से फरार हो गए। उनकी तलाश की जा रही है।

एसीबी के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि परिवादी की लैब में सोनोग्राफी मशीन के उपयोग के लिए रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक का नाम जोड़ने संबंधी पंजीकरण की स्वीकृति जारी करने के एवज में डॉ. रतन बिलवाल अपने कथित दलाल के माध्यम से 1.30 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।

शिकायत का सत्यापन कराने पर रिश्वत मांग की पुष्टि हुई। जांच के दौरान आरोपियों की ओर से 30 हजार रुपये पहली किस्त के रूप में लेने पर सहमति बनी। इसके बाद एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरवीजन तथा पुलिस उप अधीक्षक रतनसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में बांसवाड़ा एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान अब्दुल कादिर ने 30 हजार रुपये की रिश्वत राशि गिनकर प्राप्त की। हालांकि ट्रैप की भनक लगते ही उसने राशि परिवादी के कार्यालय में रखी और वहां से भागने का प्रयास किया, लेकिन एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में परिवादी से रिश्वत मांगने के मामले में डॉ. रतन बिलवाल और अब्दुल कादिर की संलिप्तता सामने आने की बात एसीबी ने कही है।

एसीबी के अनुसार ट्रैप की सूचना मिलते ही डॉ. रतन बिलवाल अपने कार्यालय से फरार हो गए। उनकी तलाश की जा रही है। मामले में आरोपियों से पूछताछ के साथ अग्रिम कार्रवाई जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश