होली के दौरान रंग फेंकने को लेकर विवाद, मारपीट और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज
शिमला, 04 मार्च (हि.स.)। राजधानी शिमला के सुन्नी क्षेत्र में होली खेलने के दौरान रंगीन गुब्बारा फेंकने को लेकर हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस थाना में दर्ज शिकायत के अनुसार सुन्नी के गांव पनेहरा निवासी 22 वर्षीय अंकुश कुमार ने बताया कि मंगलवार की शाम को वह अपने दोस्तों के साथ बसंतपुर में होली खेल रहा था। इसी दौरान उसने रंग से भरा एक गुब्बारा फेंका, जो वहां मौजूद एक लड़की को लग गया।
आरोप है कि उसी समय कोठीसेर निवासी नंदू मौके पर आया और इस बात को लेकर अंकुश से बहस और हाथापाई करने लगा। शिकायतकर्ता के अनुसार नंदू ने मौके पर ही लड़की से सार्वजनिक रूप से पूछा कि क्या उसे बुरा लगा है। इस पर लड़की ने सबके सामने कहा कि उसे कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद मामला शांत हो गया और सभी लोग फिर से होली खेलने लगे।
अंकुश कुमार ने आगे बताया कि उसी दिन शाम करीब 5 बजे उसकी मां खेमा देवी मौके पर पहुंचीं और नंदू से हुए विवाद के बारे में पूछने लगीं। आरोप है कि इस दौरान नंदू के साथ मौजूद गोल्डी, विनोद, दक्ष और चंदन ने मिलकर अंकुश और उसकी मां के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी।
शिकायत में कहा गया है कि जब अंकुश के दोस्त भाविक, धीरज, अक्षय, अहम वालिया और यशवंत बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 190, 115(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

