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‘एलन मस्क’ के नाम पर शिमला में 11.87 लाख की ठगी, एफआईआर

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‘एलन मस्क’ के नाम पर शिमला में 11.87 लाख की ठगी, एफआईआर


शिमला, 20 जनवरी (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय उद्योगपति और टेस्ला कंपनी के सीईओ एलन मस्क के नाम पर ठगों ने एक व्यक्ति को ऐसा झांसा दिया कि वह लाखों रुपये गंवा बैठा। जालसाजों ने उसे तरह-तरह के प्रलोभन देकर 11.87 लाख रुपये ठग लिए। ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित ने पुलिस में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई है। मामला हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सामने आया है।

मामले के अनुसार छोटा शिमला निवासी एक व्यक्ति ‘थ्रेड’ एप्लिकेशन पर ऑनलाइन ब्राउजिंग कर रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को एलन मस्क बताते हुए बातचीत शुरू की। ठग ने दावा किया कि शिकायतकर्ता यानी पीड़ित को उपहार स्वरूप एक नई टेस्ला कार, नकद राशि और करीब 2.3 करोड़ रुपये मूल्य का सोना दिया जाएगा। इस आकर्षक ऑफर ने पीड़ित को भरोसे में ले लिया।

इसके बाद ठग ने खुद को टेस्ला की ‘डिलीवरी टीम’ से जुड़ा बताते हुए एक मोबाइल नंबर पर संपर्क करने को कहा। बातचीत के दौरान डिलीवरी चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और टैक्स के नाम पर उनसे पैसे मांगे जाने लगे। शुरुआत में दो हजार, फिर पांच हजार और इसके बाद किस्तों में रकम बढ़ती चली गई। ठगों ने हर बार यह भरोसा दिलाया कि अगली भुगतान के बाद पैकेज तुरंत भेज दिया जाएगा।

इस तरह अलग-अलग किश्तों में धन सिंह से कुल 11 लाख 87 हजार 644 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। बावजूद इसके न तो कोई टेस्ला कार मिली, न नकद राशि और न ही सोने से जुड़ा कोई प्रमाण। उल्टा, ठग लगातार और पैसे की मांग करते रहे। जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तब उन्होंने पुलिस का रुख किया।

इस मामले में थाना छोटा शिमला में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (2) और आईटी एक्ट की धारा 66सी व 66डी के तहत केस दर्ज किया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित साइबर ठगी का मामला प्रतीत होता है। इसमें फर्जी पहचान और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया है। बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी बड़े ऑफर, विदेशी उपहार या मशहूर हस्तियों के नाम से आने वाले संदेशों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें, जिससे समय रहते ऐसे जाल से बचा जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा