home page

शिमला: देव प्राण प्रतिष्ठा समारोह में फायरिंग के दो आरोपी गिरफ्तार, हत्या का केस दर्ज

 | 
शिमला: देव प्राण प्रतिष्ठा समारोह में फायरिंग के दो आरोपी गिरफ्तार, हत्या का केस दर्ज


शिमला, 27 अप्रैल (हि.स.)। शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के चिडग़ांव थाना अंतर्गत कुलगांव में देवता के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार इस घटना में शामिल रजत सोहटा (28), निवासी अपर बाजार रोहड़ू और अमित उर्फ रोहित भापटा (32), निवासी मंधारली, डाकघर करासा, तहसील रोहड़ू को हिरासत में लिया गया है। इनके खिलाफ हत्या का मामला पंजिकृत हुआ है। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध थाना चिड़गांव में बीएनएस की धारा 103(1) और धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है।

यह घटना रविवार की मध्यरात्रि हुई, जब कुलगांव में नव-निर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था। समारोह में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और पारंपरिक नृत्य व उत्सव का माहौल था। इसी दौरान जश्न के बीच गोली चलाई गई, जो वहां मौजूद 26 वर्षीय रितिका को जा लगी। रितिका, चिडग़ांव के गांव आंध्रा की निवासी थीं। उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल रोहड़ू ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल फैल गया।

शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया है। उन्होंने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद विपक्षी दल भाजपा ने सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया है। उन्होंने मृतका रितिका के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों में इस तरह की घटनाएं चिंताजनक हैं और सरकार इन्हें रोकने में असफल रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण ही सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में हथियारों का इस्तेमाल हुआ। जमवाल ने रोहड़ू अस्पताल से शव को ले जाने के तरीके पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि रेत से भरे वाहन में शव ले जाने की कोशिश प्रशासन की असंवेदनशीलता को दर्शाती है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा