महिला कांस्टेबल की शिकायत पर स्थानीय कलाकार के खिलाफ एफआईआर
शिमला, 31 जुलाई (हि.स.)। राजधानी शिमला में एक महिला कांस्टेबल की शिकायत पर स्थानीय कलाकार गोपी जैक्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 29 जुलाई को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने महिला कांस्टेबल के बारे में सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की। आरोप है कि महिला कांस्टेबल के शारीरिक स्वरूप और वजन को लेकर भी टिप्पणी की गई, जिससे उनकी गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला कांस्टेबल ने महिला पुलिस थाना बीसीएस शिमला में दी गई शिकायत में कहा है कि प्रेस वार्ता के दौरान की गई टिप्पणियों का सोशल मीडिया पर भी व्यापक प्रसारण हुआ। उनका आरोप है कि सार्वजनिक मंच से की गई इन टिप्पणियों के कारण उन्हें मानसिक पीड़ा, अपमान और सामाजिक प्रतिष्ठा की क्षति हुई। शिकायत में कहा गया है कि एक महिला कर्मचारी की व्यक्तिगत गरिमा को सार्वजनिक रूप से आहत किया गया।
पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध तथ्यों का संज्ञान लेते हुए स्थानीय कलाकार गोपी जैक्स के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। गोपी जैक्स शिमला के रहने वाले हैं और स्थानीय कलाकार के रूप में पहचान रखते हैं।
शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि महिला कांस्टेबल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला हिमाचल पुलिस ऑर्केस्ट्रा से जुड़े विवाद के बीच सामने आया है। इससे पहले पुलिस ऑर्केस्ट्रा की दो महिला कांस्टेबलों ने कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न, मानहानि, आपराधिक धमकियों और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप लगाते हुए संयुक्त शिकायत भी दी है।
संयुक्त शिकायत में कहा गया है कि दोनों महिला कांस्टेबल वर्ष 2019-20 की भर्ती प्रक्रिया के दौरान पुलिस ऑर्केस्ट्रा में गायिका के रूप में नियुक्त हुई थीं। उनका आरोप है कि 29 जुलाई की प्रेस वार्ता में उनकी भर्ती को लेकर झूठे आरोप लगाए गए और उनकी नियुक्ति को एक पुलिस अधिकारी से जोड़कर पेश किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक महिला कांस्टेबल के शारीरिक स्वरूप को लेकर सार्वजनिक टिप्पणी की गई, जिससे उसकी गरिमा और प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।
दोनों महिला कांस्टेबलों का कहना है कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में किया है। उनका आरोप है कि लगाए गए आरोपों से उनकी व्यक्तिगत छवि के साथ पुलिस भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाने का प्रयास किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

