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शिमला पुलिस की नशा तस्कर पर कार्रवाई, आरोपी की 1.64 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज

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शिमला पुलिस की नशा तस्कर पर कार्रवाई, आरोपी की 1.64 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज


शिमला, 08 सितंबर (हि.स.)। शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के मामलों में कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए एक आरोपी से जुड़ी करीब 1.64 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की हैं। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई वित्तीय जांच के आधार पर हुई है। जांच में इन संपत्तियों का संबंध मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित आय से होने की प्रथम दृष्टया जानकारी सामने आई है।

मामला पुलिस थाना ठियोग में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। यह प्राथमिकी 10 जून 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 के तहत दर्ज की गई थी। पुलिस के मुताबिक 10 जून को विश्वसनीय सूचना के आधार पर एक टीम ने रहीघाट, हॉस्पिटल रोड, ठियोग स्थित सोहन लाल उर्फ हैपी की नाई की दुकान की तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से करीब 71 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू की गई।

पुलिस के अनुसार जांच आगे बढ़ने पर यह बात सामने आई कि आरोपी कथित तौर पर काफी समय से अफीम की अवैध तस्करी में शामिल था। पुलिस का दावा है कि वह ठियोग, कोटखाई, रोहड़ू और आसपास के क्षेत्रों में अफीम की आपूर्ति करता था।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत वित्तीय जांच भी की। इसमें आरोपी और उसके निकट सहयोगियों की वित्तीय गतिविधियों, संपत्तियों तथा आय के ज्ञात और वैध स्रोतों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। पुलिस ने बैंक और अन्य वित्तीय अभिलेखों सहित उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की।

पुलिस के मुताबिक इस वित्तीय जांच में एक आवासीय भूमि प्लॉट, एक कृषि भूमि का प्लॉट, दो मंजिला दुकान, एक वाहन तथा विभिन्न बैंक और डाकघर खातों में जमा धनराशि समेत करीब 1.64 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की पहचान हुई। पुलिस का कहना है कि वित्तीय अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ये संपत्तियां प्रथम दृष्टया मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित आय से संबंधित पाई गईं। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत इन संपत्तियों को सीज किया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी की नाई की दुकान है और वह अपने परिवार में अकेला कमाने वाला सदस्य है। जांच में सामने आई उसकी आय और उसके नाम या उससे संबंधित बताई गई संपत्तियों के बीच अंतर पाया गया। पुलिस ने इसी आधार पर संपत्तियों के आय के वैध स्रोत से संबंधित होने की जांच की और वित्तीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई की।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने मंगलवार को बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 12 एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच की जा चुकी है। इन मामलों में 8 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की गई हैं। पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 और 2025 के दौरान एनडीपीएस मामलों में इस तरह की कोई वित्तीय जांच नहीं की गई थी और इन दोनों वर्षों में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में इस प्रकार की संपत्तियां सीज नहीं की गई थीं।

पुलिस के अनुसार नशा तस्करी के खिलाफ अब कार्रवाई का एक अहम हिस्सा तस्करी से अर्जित अवैध धन और उससे बनाई गई संपत्तियों की पहचान करना भी है। पुलिस का कहना है कि वित्तीय जांच के जरिए नशे के कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क तक पहुंचने और उससे संबंधित संपत्तियों को कानून के तहत सीज करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा