काला जठेड़ी–संपत नेहरा गैंग से जुड़ा घोषित अपराधी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी और संपत नेहरा गैंग से जुड़े एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपित पिछले करीब आठ साल से फरार चल रहा था और हत्या के प्रयास एवं सशस्त्र लूट जैसे संगीन मामलों में वांछित था।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने शुक्रवार को बताया कि आरोपित की पहचान रवि मलिक उर्फ भूरा (43) के रूप में हुई है। वह सिरसपुर का रहने वाला है। उसे रोहिणी इलाके से गिरफ्तार किया गया। वह वर्ष 2012 में दर्ज हत्या के प्रयास और सशस्त्र लूट के मामले में पहले गिरफ्तार हो चुका था, लेकिन जमानत मिलने के बाद कोर्ट में पेश नहीं हुआ और 2018 में अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार क्राइम ब्रांच की डब्ल्यूआर-द्वितीय यूनिट को 22 अप्रैल को सूचना मिली थी कि आरोपित रोहिणी स्थित लांसर कॉन्वेंट स्कूल के पास आने वाला है। इसके बाद इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाकर उसे दबोच लिया। आरोपित दिल्ली छोड़कर अलग-अलग राज्यों में छिपकर रह रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
जांच में खुलासा हुआ कि रवि मलिक का आपराधिक सफर 2006 में शुरू हुआ, जब उसने अपनी बहन की जमीन के विवाद में गोली चला दी थी। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात कुख्यात गैंगस्टरकाला जठेड़ी से हुई, जिसके बाद वह संगठित अपराध की दुनिया में उतर गया और गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया।
पुलिस के अनुसार 2009 से 2011 के बीच आरोपित ने हत्या, लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई गंभीर अपराधों को अंजाम दिया। यहां तक कि 2011 में जेल के अंदर भी उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक कैदी की हत्या कर दी थी। लगातार आपराधिक गतिविधियों के चलते उसे घोषित बदमाश (बीसी) घोषित किया गया और उसकी गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने 50 हजार रुपये तथा उप्र पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार 2017 में पैरोल पर बाहर आने के बाद आरोपित फरार हो गया था और दोबारा अपराधों में शामिल हो गया। 2020 में उसने अपने साथी के साथ मिलकर मेरठ में एक हत्या की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान पुलिस मुठभेड़ में उसे छह गोलियां भी लगीं, लेकिन वह बच निकला। पुलिस के अनुसार आरोपित नशे का आदी है, जिससे उसकी आपराधिक प्रवृत्ति और बढ़ गई। फरारी के दौरान वह देहरादून में ठिकाना बनाकर रह रहा था। हाल ही में अपने साथियों से मिलने दिल्ली आया था, जहां क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
-----------
हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

