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आईपीएल मैचों में मोबाइल उड़ाने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा गया, 15 महंगे फोन बरामद

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आईपीएल मैचों में मोबाइल उड़ाने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा गया, 15 महंगे फोन बरामद


नई दिल्ली, 29 मई (हि.स.)। आईपीएल मैचों के दौरान दर्शकों की भीड़ का फायदा उठाकर महंगे मोबाइल फोन चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सिंघु बॉर्डर के पास कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपिताें के कब्जे से 15 हाई-एंड मोबाइल फोन, जिनमें नौ आईफोन बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में बरामद मोबाइल फोन हाल में धर्मशाला और मोहाली में आयोजित आईपीएल मैचों के दौरान हुई चोरी की वारदातों से जुड़े पाए गए हैं।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने शुक्रवार को बताया कि पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि आईपीएल मैचों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाला एक गिरोह हिमाचल प्रदेश और पंजाब से दिल्ली लौट रहा है। सूचना के आधार पर 27 और 28 मई की दरम्यानी रात सिंघु बॉर्डर स्थित एमसीडी टोल के पास जाल बिछाया गया। यहां एक कमर्शियल कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें सवार चार संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान संगम विहार निवासी अरबाज, फरीदाबाद निवासी नवीन उर्फ निक्कू, दरियागंज निवासी हेमराज उर्फ पुची और सदर बाजार निवासी अब्दुल मुगनी उर्फ शाइज के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके पास से नौ आईफोन, चार सैमसंग, एक ओप्पो और एक वनप्लस मोबाइल फोन बरामद हुए।

पूछताछ में आरोपितों ने खुलासा किया कि वे संगठित गिरोह के सदस्य हैं और देशभर में होने वाले आईपीएल मैचों तथा अन्य बड़े आयोजनों में पहुंचकर दर्शकों को निशाना बनाते थे। भीड़, शोर-शराबे और मैच के रोमांच का फायदा उठाकर वे महंगे मोबाइल फोन चोरी कर लेते थे। वारदात के तुरंत बाद आरोपित दिल्ली लौट आते थे और चोरी के मोबाइल फोन को मलकागंज इलाके के कमील और आदिल नामक लोगों को बेच देते थे।

पुलिस जांच में सामने आया है कि बरामद 15 मोबाइल फोन में से दो धर्मशाला और चार मोहाली में दर्ज चोरी के मामलों से जुड़े हैं। बाकी मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि उनके वास्तविक मालिकों का पता लगाया जा सके।

वहीं जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित अरबाज पहले से छह और हेमराज तीन आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है। इनमें चोरी, चोरी का माल रखने और मारपीट जैसे मामले शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी