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उम्रकैद का दोषी 24 साल बाद गिरफ्तार, पैरोल पर छूटकर बदला नाम

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उम्रकैद का दोषी 24 साल बाद गिरफ्तार, पैरोल पर छूटकर बदला नाम


- प्रयागराज में नई पहचान बनाकर रह रहा था

नई दिल्ली, 20 मई (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 24 साल से फरार चल रहे हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाए दोषी को गिरफ्तार किया है। दोषी वर्ष 2002 में पैरोल पर जेल से बाहर आया था, लेकिन वापस जेल नहीं लौटा। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी पहचान बदल ली और प्रयागराज (उप्र) में नया नाम रखकर रह रहा था। गिरफ्तार आरोपित की पहचान राकेश पटेल उर्फ पप्पी के रूप में हुई है। वह जहांगीरपुरी का रहने वाला है। वह हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। पुलिस के मुताबिक फरार होने के बाद उसने अपना नाम बदलकर नंदलाल वर्मा रख लिया था और प्रयागराज में ऑटो स्पेयर पार्ट्स का कारोबार कर रहा था।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने बुधवार को बताया कि जेल से पैरोल या फरलो पर बाहर आने के बाद फरार चल रहे अपराधियों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान क्राइम ब्रांच की एनआर-वन यूनिट ने पैरोल जंपरों की सूची खंगालनी शुरू की। जांच में राकेश पटेल का नाम सामने आया। पुलिस जांच में पता चला कि राकेश पटेल ने अपने दो साथियों चंदर प्रकाश और अनिल कुमार के साथ मिलकर वर्ष 1990 में जहांगीरपुरी इलाके में मामूली विवाद के दौरान अपने पड़ोसी की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। मामले में वर्ष 1995 में अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार राकेश को पहली बार वर्ष 1999 में शादी के लिए पैरोल मिली थी। उस दौरान वह वापस जेल लौट आया था। इसके बाद वर्ष 2002 में दूसरे बच्चे के जन्म के दौरान उसे फिर पैरोल दी गई, लेकिन इस बार वह जेल वापस नहीं लौटा। क्राइम ब्रांच ने उसकी जेल हिस्ट्री, पुराने पते, रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। दिल्ली और उप्र में कई जगह दबिश दी गई, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदलता रहा।

आखिरकार पुलिस को सूचना मिली कि आरोपित प्रयागराज में परिवार के साथ रह रहा है। टीम वहां पहुंची और गुप्त सूचना के आधार पर उसे दबोच लिया। शुरुआत में उसने खुद को नंदलाल वर्मा बताया और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि लगातार पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसने अपनी असली पहचान कबूल कर ली। पूछताछ में सामने आया कि फरारी के दौरान उसने कई शहर बदले और गिरफ्तारी से बचने के लिए नई पहचान बना ली थी। वर्ष 2022 से वह प्रयागराज में ऑटो स्पेयर पार्ट्स की दुकान चला रहा था। पुलिस ने दोषी को जेल अधिकारियों के हवाले कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि फरार अपराधियों को पकड़ने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी