डीजे से गाना बदलने को लेकर शुरू हुआ विवाद बना खूनी संघर्ष, हत्या के मामले में दो आरोपित गिरफ्तार
नई दिल्ली, 25 जून (हि.स.)। शाहबाद डेयरी थाना क्षेत्र में स्थित ओएच विलेज (लॉज एंड बार) में गाना बदलने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। इस मामले में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। शुरुआती दौर में पुलिस के लिए यह पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर केस था, क्योंकि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपित घटना के बाद फरार हो गए थे और उनके संबंध में कोई ठोस सुराग नहीं था। हालांकि, क्राइम ब्रांच की डब्ल्यूआर-1 टीम ने तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और लगातार प्रयासों के बल पर मामले का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, 17 और 18 जून की दरम्यानी रात शाहबाद दौलतपुर स्थित ओएच विलेज (लॉज एंड बार) में दो युवकों पर चाकुओं से हमला किया गया था। घटना के बाद दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले में 18 जून को शाहबाद डेयरी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) और 3(5) के तहत एफआईआर संख्या 350/2026 दर्ज की गई थी। इलाज के दौरान 23 जून को एक घायल की मौत हो जाने पर मामले में हत्या की धारा 103(1) बीएनएस भी जोड़ दी गई।
सुराग नहीं था, फिर भी आरोपितों तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की डब्ल्यूआर-1 यूनिट को जांच में लगाया गया। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपित लगातार ठिकाने बदल रहे थे। टीम ने मानव स्रोतों और तकनीकी इनपुट पर लगातार काम किया। हेड कांस्टेबल पवन कुमार को आरोपितों की गतिविधियों और संभावित ठिकाने के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली। वहीं हेड कांस्टेबल हरजीत सिंह ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपितों की लोकेशन, आवाजाही और संपर्कों का विश्लेषण किया। इससे जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली और आरोपितों तक पहुंचने का रास्ता साफ हुआ।
क्राइम बांच के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा के निर्देशन में एसीपी राज कुमार की निगरानी में इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के नेतृत्व में टीम गठित की गई। 24 जून को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर रानी बाग स्थित महावीर अस्पताल के पास निगरानी बढ़ाई गई। कुछ समय बाद दो संदिग्ध वहां आते दिखाई दिए। मुखबिर के इशारे पर पुलिस टीम ने दोनों का पीछा कर उन्हें दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मंगोलपुरी के वाई ब्लॉक निवासी 18 वर्षीय अभिषेक और 18 वर्षीय अश्विन के रूप में हुई। दोनों की उम्र 19 वर्ष से कम है और वे एक ही इलाके के रहने वाले हैं।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपितों ने बताया कि घटना वाली रात वे अपने कुछ साथियों के साथ ओएच विलेज में हुक्का पीने गए थे। वहां उन्होंने डीजे ऑपरेटर से गाना बदलने के लिए कहा, लेकिन डीजे ने उनकी बात मानने से इन्कार कर दिया। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया और देखते ही देखते झगड़ा मारपीट में बदल गया। आरोपितों का दावा है कि वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी।
मारपीट के बाद आरोपी वहां से चले गए, लेकिन उन्होंने बदला लेने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपित अपने इलाके मंगोलपुरी लौटे और वहां से अपने अन्य साथियों को साथ लेकर चाकुओं से लैस होकर दोबारा ओएच विलेज पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने उन लोगों को निशाना बनाया, जिन्हें वे अपने साथ हुई मारपीट के लिए जिम्मेदार मान रहे थे। आरोप है कि दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर दो युवकों पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। हमले में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपित मौके से फरार हो गए।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपितों की भूमिका की पुष्टि हो चुकी है। मामले में अन्य साथियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने, फरार आरोपितों की पहचान करने और हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

