जहांगीर पुरी हत्याकांड में फरार तीन आरोपित गिरफ्तार
नई दिल्ली, 25 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीर पुरी इलाके में 17 वर्षीय किशोर की चाकू गोदकर हत्या के मामले में फरार चल रहे तीन आरोपिताें को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपिताें की पहचान शेख इशाक (52), उसके बेटे दिलशाद (29) और इरफान (22) के रूप में हुई है। तीनों जहांगीर पुरी के एच-2 ब्लॉक के रहने वाले हैं और वारदात के बाद लगातार दिल्ली व यूपी के लोनी क्षेत्र में ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने शनिवार को बताया कि पांच अप्रैल की रात जहांगीर पुरी के रामलीला ग्राउंड स्थित रिक्शा पार्किंग के पास 17 वर्षीय किशोर पर कई लोगों ने ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया था। गंभीर हालत में उसके भाई अरमान ने उसे बाबू जगजीवन राम अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही जहांगीर पुरी थाना पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मृतक के भाई हकीम अली शाह ने पुलिस को बताया था कि पुरानी रंजिश के चलते दिलशाद, इरफान, राजाबुल, इमरान और शेख इशाक ने उसके भाई को घेर लिया था। आरोपितों ने पहले उसे पकड़ा, जमीन पर गिराया और फिर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर हत्या कर दी। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने 7 अप्रैल को एक आरोपित और एक किशोर को पकड़ लिया था, जबकि मुख्य आरोपित फरार चल रहे थे।
क्राइम ब्रांच की एनआर-दो टीम को फरार आरोपितों की तलाश की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस उपायुक्त के अनुसार पुलिस टीम ने गाजियाबाद के लोनी स्थित सभापुर अंडरपास के पास दबिश देकर तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपितों ने खुलासा किया कि मृतक और उसके भाई से उनका पुराना विवाद चल रहा था। आरोप है कि मृतक ने एक आरोपित की पत्नी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था, जिससे आरोपित परिवार रंजिश मान बैठा। बदला लेने के लिए पांच अप्रैल को सभी ने हत्या की साजिश रची। दिलशाद ने चाकू की व्यवस्था की और साथियों में बांटे। इसके बाद सभी रामलीला ग्राउंड पहुंचे, जहां किशोर को पकड़कर जमीन पर गिराया गया और कई वार कर मौत के घाट उतार दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपित शेख इशाक मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और करीब 40 साल पहले दिल्ली आकर जहांगीर पुरी में बस गया था। वह इलाके में ई-रिक्शा पार्किंग चलाता है। उसके बेटे दिलशाद और इरफान भी उसी काम में हाथ बंटाते हैं। पुलिस के मुताबिक दिलशाद पहले 2022 के जहांगीर पुरी दंगा मामले में भी शामिल रह चुका है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपितों ने न केवल बदला लेने बल्कि इलाके में अपना दबदबा कायम रखने के लिए इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब मामले में फरार अन्य आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

