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टिल्लू ताजपुरिया गिरोह के शूटर को भगाने वाला गिरफ्तार, गोगी-दिनेश कराला गिरोह के सदस्य की हत्या में था वांछित

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टिल्लू ताजपुरिया गिरोह के शूटर को भगाने वाला गिरफ्तार, गोगी-दिनेश कराला गिरोह के सदस्य की हत्या में था वांछित


नई दिल्ली, 23 अगस्त (हि.स.)। रोहिणी जिले के कंझावला इलाके में गोगी-दिनेश कराला गिरोह के सदस्य हरीश माथुर की हत्या के मामले में फरार चल रहे टिल्लू ताजपुरिया गिरोह के कथित सहयोगी को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान सोनीपत निवासी अर्जुन पंडित उर्फ प्रमोद (36) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह हत्या में शामिल तीन कथित आरोपितों में तीसरा था और वारदात के बाद से लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे 22 अगस्त को हरियाणा के सोनीपत स्थित राई से पकड़ा।

पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई को कराला निवासी हरीश माथुर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि वारदात में राहुल रंगा, साहिल उर्फ विशाल और अर्जुन उर्फ प्रमोद शामिल थे। राहुल और साहिल को रोहिणी जिले की स्पेशल स्टाफ टीम पहले ही दो अगस्त को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अर्जुन फरार था।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात वाले दिन अर्जुन बाइक चला रहा था और राहुल व साहिल उसके पीछे बैठे थे। तीनों ने रोहिणी के एक होटल में शराब पी और इसके बाद हरीश की हत्या की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, उन्हें टिल्लू ताजपुरिया गिरोह से जुड़े लोगों से एन्क्रिप्टेड मोबाइल एप के जरिए निर्देश मिल रहे थे।

आरोपितों ने पहले कराला स्थित हरीश के कार्यालय की रेकी की। हरीश जब कार्यालय से घर के लिए निकला तो अर्जुन ने बाइक से उसका पीछा किया। उसके पास पहुंचकर अर्जुन ने बाइक रोकी और पीछे बैठे राहुल व साहिल ने कथित तौर पर हरीश पर गोलियां चला दीं। इसके बाद तीनों मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, दोनों साथियों ने अर्जुन को सोनीपत में उतारा और कुछ दिन छिपे रहने के लिए कहा था। इसके बाद वे उसे अगले काम के लिए संपर्क करने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही दोनों गिरफ्तार हो गए।

पूछताछ में अर्जुन ने बताया कि उसकी मुलाकात राहुल रंगा से उसके ममेरे भाई के जरिए हुई थी। ममेरे भाई की राहुल से ऑनलाइन खेल के माध्यम से जान-पहचान हुई थी। पुलिस का दावा है कि राहुल ने अर्जुन को जल्दी पैसे कमाने का लालच देकर टिल्लू ताजपुरिया गिरोह से जुड़ने के लिए तैयार किया। इसके बाद अर्जुन कथित तौर पर गिरोह से जुड़े आपराधिक कामों में शामिल होने लगा। पुलिस के मुताबिक, हरीश की हत्या के पीछे गिरोहों के बीच की रंजिश के साथ आर्थिक लाभ हासिल करने और टिल्लू ताजपुरिया गिरोह से जुड़ने की मंशा भी सामने आई है। अर्जुन पर पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं होने की बात पुलिस ने कही है।

पुलिस के अनुसार, अर्जुन ने सोनीपत के सरकारी स्कूल से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। उसके पिता राजपाल मजदूर थे, जिनकी 2018 में मौत हो गई थी। अर्जुन सोनीपत में पानी की बोतल पहुंचाने का काम भी करता था। पुलिस अब उससे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और हत्या की साजिश के संबंध में पूछताछ कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी