बवाना हत्याकांड के दो शार्प शूटर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, एएसआई की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी गोली
नई दिल्ली, 31 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (एनआर-दो) यूनिट ने बवाना के चर्चित जोगिंदर उर्फ काला हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए हिमांशु उर्फ भाऊ-विक्की उर्फ हडल गैंग के दो शार्प शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की, लेकिन गोली एएसआई प्रवीण दहिया की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई कर रोहिणी में होने वाली एक और टारगेट किलिंग को भी नाकाम कर दिया गया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बवाना निवासी 19 वर्षीय हर्ष वासने और सुल्तानपुर डबास निवासी 20 वर्षीय विपिन उर्फ श्याम सुंदर के रूप में हुई है। दोनों 18 जुलाई को पूठ खुर्द में जोगिंदर उर्फ काला की दिनदहाड़े हत्या के मामले में वांछित थे। पोस्टमार्टम में मृतक के शरीर पर छह गोली लगने की पुष्टि हुई थी और मौके से छह खोखे मिले थे।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि दोनों आरोपित चोरी की स्कूटी पर अवैध हथियार लेकर रोहिणी में दो लोगों की हत्या करने जा रहे हैं। इसके बाद सेक्टर-29 रोहिणी के पास जाल बिछाया गया। रात करीब 11 बजे पुलिस ने स्कूटी रोकने का प्रयास किया तो पीछे बैठे हर्ष ने एएसआई प्रवीण दहिया पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने स्कूटी के टायर को निशाना बनाया, हालांकि गोली टेल लाइट पर लगी और स्कूटी फिसल गई। इसके बाद दोनों को दबोच लिया गया।
आरोपितों के कब्जे से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, दो खोखे और हरिनगर से चोरी की गई एक स्कूटी बरामद हुई। हर्ष के पास से मिली डायरी में पवन अग्रवाल और सुरेंद्र गुप्ता के नाम के साथ धमकी भरे संदेश लिखे मिले। पूछताछ में आरोपितों ने खुलासा किया कि गैंग सरगना हिमांशु उर्फ भाऊ और विक्की उर्फ हडल के कहने पर दोनों की हत्या कर घटनास्थल पर धमकी भरा नोट छोड़ना था, ताकि इलाके में दहशत फैलाई जा सके।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए गैंग के संपर्क में आए थे। आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर उन्हें मोटी रकम का लालच दिया गया। हत्या से पहले उन्होंने दूध बेचने के बहाने लक्ष्य परिवार की कई दिनों तक रेकी की थी। वारदात के बाद वे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में लगातार ठिकाने बदलते रहे। क्राइम ब्रांच ने दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर गैंग के अन्य सदस्यों, हथियार सप्लाई नेटवर्क और फरार सरगनाओं की तलाश तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से गैंग के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

